मांड्या, तीन सितंबर कावेरी नदी का पानी पड़ोसी राज्य तमिलनाडु के लिए छोड़े जाने के विरोध में जारी आंदोलन के बीच विभिन्न संगठनों ने प्रदर्शन किया है।
कन्नड़ समर्थक एक कार्यकर्ता ने रविवार को सीमाओं को अवरुद्ध करने और कर्नाटक में तमिल फिल्मों के प्रदर्शन पर रोक लगाने की धमकी दी।
कार्यकर्ता ने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन से भी कहा कि वे सभी तमिलों को बेंगलुरु से ले जाएं क्योंकि वे भी कावेरी नदी के पानी का उपभोग कर रहे हैं।
कन्नड़ चलवली (वटल पक्ष) के संयोजक वटल नागराज ने मांड्या में संवाददाताओं से कहा कि पूरे कर्नाटक को एक सुर में एक इकाई के रूप में खड़ा होना होगा।
उन्होंने कहा कि सभी कन्नड़ समर्थक संगठनों और किसान समर्थक संगठनों को विरोध में सड़कों पर उतरना चाहिए।
नागराज ने कहा, ‘‘स्टालिन, मैं आपको चेतावनी देता हूं। क्या आप नहीं सोचते कि बेंगलुरु में रहने वाले तमिल लोग कावेरी का पानी पीते हैं? यदि आप कावेरी का पानी चाहते हैं, तो यहां से सभी तमिलों को ले जाएं।’’
उन्होंने कहा, ‘‘हम आपको (स्टालिन) चेतावनी देते हैं। हम सीमाओं को अवरुद्ध कर देंगे। हम तमिल फिल्मों पर रोक लगा देंगे।’’
इस बीच, तमिलनाडु को पानी देने से नाराज कन्नड़ सेना के कार्यकर्ताओं ने मांड्या जिले के फैक्टरी सर्कल और संजय सर्कल पर विरोध प्रदर्शन किया।
कार्यकर्ताओं ने कन्नड़ झंडे लहराते हुए बाइक रैली निकाली और नारे लगाते हुए तमिलनाडु को पानी छोड़ने को लेकर राज्य सरकार की निंदा की।
मुख्य विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने भी राज्य सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया और ‘कावेरी बचाओ’ का नारा दिया।
कावेरी जल प्रबंधन प्राधिकरण (सीडब्ल्यूएमए) के निर्देश पर कर्नाटक प्रतिदिन अपने बांधों से कावेरी नदी का 5000 क्यूसेक पानी तमिलनाडु के लिए छोड़ रहा है।
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