जरुरी जानकारी | जियो प्लेटफार्म सोदे से मई में निजी इक्विटी, उद्यम पूंजी निवेश 5.4 अरब डॉलर पहुंचा
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. उद्योगपति मुकेश अंबानी की जियो प्लेटफार्म में हि्स्सेदारी की बिक्री के साथ मई से उद्यम पूंजी निवेश का काम तेज हुआ है जो पहले मंद चल रहा था। इस माध्यम से देश में कुल पूंजी प्रवाह मई में बढ़ कर 5.4 अरब पहुंच रहा जो अप्रैल में केवल 93.5 करोड़ डॉलर था।
मुंबई, चार जून उद्योगपति मुकेश अंबानी की जियो प्लेटफार्म में हि्स्सेदारी की बिक्री के साथ मई से उद्यम पूंजी निवेश का काम तेज हुआ है जो पहले मंद चल रहा था। इस माध्यम से देश में कुल पूंजी प्रवाह मई में बढ़ कर 5.4 अरब पहुंच रहा जो अप्रैल में केवल 93.5 करोड़ डॉलर था।
परामर्श कंपनी ईवाई ने एक रिपोर्ट में कहा कि एक साल पहले इसी महीने में 2.8 अरब डॅलर के निवेश के मुकाबले यह करीब दोगुना है। माह के दौरान सबसे बड़ा सौदा केकेआर की ओर से जियो में 1.5 अरब डॉलर का निवेश है।
ईवाई ने कहा कि जियो प्लेटफार्म में 4.6 अरब डॉलर के निवेश में 85 प्रतिशत हिस्सेदारी निजी इक्विटी (पीई) और उद्यम पूंजी कोषों की है।
ईवाई के भागीदार विवेक सोनी ने कहा कि जियो के सौदे को छोड़ दिया जाए तो पीई/उद्यम पूंजी निवेश गतिविधियों में गिरावट देखी जा रही थी लेकिन दूरसंचार क्षेत्र में सबसे बड़े सौदे से देश के विकास में निवेशकों के भरोसे को रेखांकित करने में मदद की।
पीई और उद्यम पूंजी (वीसी) के जरिये निवेश सौदों की संख्या 58 थी। इसके जरिये मई में 5.4 अरब डॉलर का निवेश आया।
सोनी ने कहा कि दूरसंचार के बाद ‘लाइफ साइंसेस’ क्षेत्र का स्थान रहा जिसमें 35.4 करोड़ डॉलर का सौदा हुआ।
दूसरी तरफ वित्तीय क्षेत्र में कुछ निकासी देखी गयी। हाल में शेयर बाजारों में तेजी के बाद निवेशकों ने कुछ सूचीबद्ध प्रतिभूतियों में मुनाफवसूली की।
पीई कंपनियों ने उच्च मूल्य पर बेचने के इरादे से कंपनियों में निवेश किया था।
कुल 28.6 करोड़ डॉलर मूल्य के 11 निकासी सौदों में 60 प्रतिशत वित्तीय क्षेत्र से जुड़े थे। यह अप्रैल के मुकाबले 2.4 गुना अधिक है जबकि एक साल पहले इसी माह के मुकाबले 24 प्रतिशत कम है।
सोनी ने कहा, ‘‘कोविड-19 मामलों में अभी भी उन क्षेत्रों में तेजी है जहां बड़े पैमाने पर आर्थिक गतिविधिां होती हैं। ऐसे में कोरोना वायरस एक प्रमुख चुनौती बनी हुई है और सरकार तथा निजी उपक्रमों, दोनों को इससे निपटना होगा जबतक यह स्थिर नहीं हो जाता।’’
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