नयी दिल्ली, 20 जुलाई कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने बृहस्पतिवार को आरोप लगाया कि संसद सत्र के दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मणिपुर के संदर्भ में सदन के बाहर बयान देकर संसद के विशेषाधिकार और संसदीय परिपाटी का उल्लंघन किया है।
उन्होंने यह भी कहा कि वह प्रधानमंत्री से संसद के भीतर बयान देने की मांग करने के लिए नोटिस देना चाहते हैं।
खरगे ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘जब संसद का सत्र चल रहा है तो ऐसे समय बाहर बयान देकर उन्होंने संसद के विशेषाधिकार का उल्लंघन किया और संसदीय परिपाटी के खिलाफ भी काम किया।’’
इससे पहले, उन्होंने राज्यसभा के सभापति जगदीप धनखड़ को पत्र लिखकर नियम 267 के तहत मणिपुर के मामले को उठाने का आग्रह किया।
उन्होंने कहा कि वह बृहस्पतिवार सुबह से सदन में मणिपुर के विषय पर चर्चा की मांग कर रहे थे, लेकिन पहले से नोटिस देने के बावजूद चर्चा की अनुमति नहीं दी गई।
मणिपुर में करीब दो महीने से जारी जातीय हिंसा पर संसद में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के बयान देने और उसके बाद चर्चा कराने की मांग को लेकर बृहस्पतिवार को मानसून सत्र के पहले दिन दोनों सदनों में विपक्षी सदस्यों ने जोरदार हंगामा किया, जिसके कारण लोकसभा की कार्यवाही एक बार और राज्यसभा की कार्यवाही दो बार के स्थगन के बाद पूरे दिन के लिए स्थगित कर दी गयी।
इससे पहले, प्रधानमंत्री मोदी ने मणिपुर में दो महिलाओं को निर्वस्त्र कर घुमाए जाने की घटना पर क्षोभ प्रकट किया और कहा कि यह घटना किसी भी सभ्य समाज को शर्मसार करने वाली है।
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