नयी दिल्ली, 22 फरवरी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी देश के सहकारिता क्षेत्र को मजबूत करने के एक बड़े कदम के रूप में शनिवार को राजधानी स्थित भारत मंडपम में कई प्रमुख पहलों का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे।
प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने बृहस्पतिवार को एक बयान में यह जानकारी दी।
पीएमओ के अनुसार, प्रधानमंत्री ‘सहकारिता क्षेत्र में विश्व की सबसे बड़ी अनाज भंडारण योजना’ की पायलट परियोजना का उद्घाटन करेंगे। यह 11 राज्यों की 11 प्राथमिक कृषि विपणन समितियों (पैक्स) में की जा रही है।
प्रधानमंत्री इस पहल के तहत गोदामों और अन्य कृषि बुनियादी ढांचे के निर्माण के लिए देश भर में अतिरिक्त 500 पैक्स की आधारशिला भी रखेंगे।
पीएमओ ने कहा कि इस पहल का उद्देश्य पैक्स गोदामों को खाद्यान्न आपूर्ति श्रृंखला के साथ समेकित रूप से एकीकृत करना, खाद्य सुरक्षा को मजबूत करना और राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) द्वारा समर्थित और राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम (एनसीडीसी) के नेतृत्व में संयुक्त प्रयास के जरिए देश में आर्थिक विकास को बढ़ावा देना है।
यह पहल कृषि अवसंरचना निधि (एआईएफ), कृषि विपणन अवसंरचना (एएमआई) आदि जैसी विभिन्न मौजूदा योजनाओं को मिलाकर कार्यान्वित की जा रही है ताकि परियोजना में भाग लेने वाले पैक्स को बुनियादी ढांचे के विकास के लिए सब्सिडी और ब्याज में छूट जैसे फायदे प्राप्त करने में सक्षम बनाया जा सके।
प्रधानमंत्री इस अवसर पर देश भर में 18,000 पैक्स में कम्प्यूटरीकरण के लिए परियोजना का उद्घाटन करेंगे। पीएमओ ने कहा कि यह सहकारी क्षेत्र को पुनर्जीवित करने और छोटे तथा सीमांत किसानों को सशक्त बनाने के उद्देश्य से सरकार के ‘सहकार से समृद्धि’ के दृष्टिकोण के अनुरूप है।
इस परियोजना को 2,500 करोड़ रुपये से अधिक के वित्तीय परिव्यय के साथ मंजूरी दी गई है। इस पहल में सभी कार्यात्मक पैक्स को एकीकृत उद्यम संसाधन योजना (ईआरपी) आधारित राष्ट्रीय सॉफ्टवेयर में परिवर्तित करना शामिल है, जिससे सहज एकीकरण और संपर्क सुनिश्चित होता है।
राज्य सहकारी बैंकों और जिला मध्यवर्ती सहकारी बैंकों के माध्यम से इन पैक्स को नाबार्ड के साथ जोड़कर परियोजना का उद्देश्य पैक्स की संचालन दक्षता और शासन को बढ़ाना है, जिससे करोड़ों छोटे और सीमांत किसान लाभान्वित होंगे।
नाबार्ड ने इस परियोजना के लिए राष्ट्रीय स्तर का कॉमन सॉफ्टवेयर विकसित किया है, जो देश भर में पैक्स की विविध आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए तैयार किया गया है।
ईआरपी सॉफ्टवेयर पर 18,000 पैक्स को शामिल करने का काम पूरा हो चुका है। पीएमओ ने कहा कि यह परियोजना के कार्यान्वयन में मील का एक महत्वपूर्ण पत्थर है।
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