प्रधानमंत्री मोदी व श्रीलंका के राष्ट्रपति दिसानायके ने वार्ता की, रक्षा साझेदारी समझौते पर हस्ताक्षर हुए
भारत एवं श्रीलंका ने शनिवार को रक्षा सहयोग संबंधी एक महत्वाकांक्षी समझौते पर हस्ताक्षर किए और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गहन द्विपक्षीय सहयोग का व्यापक खाका पेश करते हुए इस बात पर जोर दिया कि दोनों देशों की सुरक्षा एक दूसरे से जुड़ी हुई तथा एक दूसरे पर निर्भर है.
कोलंबो, 5 अप्रैल : भारत एवं श्रीलंका ने शनिवार को रक्षा सहयोग संबंधी एक महत्वाकांक्षी समझौते पर हस्ताक्षर किए और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गहन द्विपक्षीय सहयोग का व्यापक खाका पेश करते हुए इस बात पर जोर दिया कि दोनों देशों की सुरक्षा एक दूसरे से जुड़ी हुई तथा एक दूसरे पर निर्भर है. यह रक्षा समझौता उन सात अहम समझौतों में से एक है जिन पर प्रधानमंत्री मोदी और श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके के बीच व्यापक वार्ता के बाद हस्ताक्षर किए गए. इस रक्षा समझौते को रणनीतिक संबंधों को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है. यह समझौता श्रीलंका में भारतीय शांति रक्षा सेना के हस्तक्षेप के लगभग चार दशक बाद हुआ है. मोदी ने मीडिया में जारी अपने वक्तव्य में कहा, ‘‘हमारा मानना है कि हमारे सुरक्षा हित समान हैं. दोनों देशों की सुरक्षा एक दूसरे से जुड़ी हुई है और एक दूसरे पर निर्भर है.’’
उन्होंने कहा, ‘‘मैं भारत के हितों के प्रति राष्ट्रपति दिसानायके की संवेदनशीलता के लिए उनका आभारी हूं. हम रक्षा सहयोग के क्षेत्र में हुए महत्वपूर्ण समझौतों का स्वागत करते हैं.’’ दिसानायके ने अपने वक्तव्य में कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी को आश्वासन दिया है कि श्रीलंका अपने भूभाग का इस्तेमाल किसी भी तरह से भारत के सुरक्षा हितों के प्रतिकूल कदमों के लिए नहीं होने देगा. श्रीलंका के राष्ट्रपति ने बताया कि उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी से कहा कि जरूरत के समय में भारत द्वारा श्रीलंका को दी गई सहायता और निरंतर बरकरार एकजुटता अत्यंत मूल्यवान है. दोनों पक्षों ने त्रिंकोमाली को ऊर्जा केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए भी एक समझौते पर हस्ताक्षर किए. प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति दिसानायके ने सामपुर सौर ऊर्जा परियोजना का भी डिजिटल माध्यम से उद्घाटन किया. यह भी पढ़ें : भारत एवं श्रीलंका ने शनिवार को रक्षा सहयोग संबंधी एक महत्वाकांक्षी समझौते पर हस्ताक्षर किए और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गहन द्विपक्षीय सहयोग का व्यापक खाका पेश करते हुए इस बात पर जोर दिया कि दोनों देशों की सुरक्षा एक दूसरे से जुड़ी हुई तथा एक दूसरे पर निर्भर है.
मोदी ने कहा, ‘‘सामपुर सौर ऊर्जा संयंत्र श्रीलंका की ऊर्जा सुरक्षा के लिए सहायक होगा. बहु-उत्पाद पाइपलाइन के निर्माण और त्रिंकोमाली को ऊर्जा केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए किए गए समझौतों से श्रीलंका के सभी लोगों को लाभ मिलेगा.’’ उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच ग्रिड अंतर-संपर्क समझौते से श्रीलंका के लिए बिजली निर्यात के विकल्प खुलेंगे. मोदी ने कहा कि भारत की पड़ोसी प्रथम नीति और विजन ‘महासागर’ में श्रीलंका का ‘‘विशेष स्थान’’ है. उन्होंने कहा, ‘‘राष्ट्रपति दिसानायके की भारत यात्रा के बाद से पिछले चार महीने में हमारा सहयोग उल्लेखनीय रूप से बढ़ा है.’’ मोदी बैंकॉक की यात्रा के बाद शुक्रवार शाम कोलंबो पहुंचे थे. उन्होंने बैंकॉक में बिम्सटेक (बहुक्षेत्रीय तकनीकी और आर्थिक सहयोग के लिए बंगाल की खाड़ी पहल) के शिखर सम्मेलन में भाग लिया था.
दिसानायके के साथ वार्ता से पहले, मोदी का श्रीलंका की राजधानी के मध्य में स्थित ऐतिहासिक ‘इंडीपेंडेंस स्क्वायर’ (स्वतंत्रता चौक) पर औपचारिक स्वागत किया गया. किसी अन्य देश के नेता को यहां संभवत: पहली बार इस प्रकार सम्मानित किया गया है. दिसानायके ने ‘स्क्वायर’ पर प्रधानमंत्री का स्वागत किया. ‘इंडीपेंडेंस स्क्वायर’ राष्ट्रीय दिवस समारोहों का स्थल है. इसका नाम स्वतंत्रता स्मारक सभागार से लिया गया है जिसे 1948 में ब्रिटिश शासन से श्रीलंका की आजादी के उपलक्ष्य में बनाया गया था.
(The above story first appeared on LatestLY on Apr 05, 2025 02:58 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

