देश की खबरें | राष्ट्रपति मुर्मू ने पीवीटीजी सदस्यों से मुलाकात की, शिक्षा पर जोर दिया

(फोटो के साथ)

भुवनेश्वर, 27 जुलाई राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने बृहस्पतिवार को विशेष रूप से कमजोर आदिवासी समूहों (पीवीटीजी) के सदस्यों से यहां राजभवन में मुलाकात की।

राष्ट्रपति ने अपने गृह राज्य की तीन दिवसीय यात्रा के अंतिम दिन यहां राजभवन में आयोजित बैठक में कहा कि पीवीटीजी सबसे पिछड़े हैं और इसलिए उनके उत्थान के लिए तत्काल सरकारी मदद की जरूरत है।

उन्होंने पीवीटीजी से शिक्षा को ‘अत्यधिक’ महत्व देने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों के अलावा राष्ट्रीय फेलोशिप और विदेशी छात्रवृत्ति योजना में पीवीटीजी समुदाय के छात्रों के लिए सीटों का विशेष प्रावधान है।

उन्होंने बैठक में मौजूद ओडिशा के जनजातीय मामलों के मंत्री से पीवीटीजी की शिक्षा और कौशल विकास पर जोर देने को कहा।

बैठक में शामिल लोगों से राष्ट्रपति ने कहा, ‘‘अपने बच्चों को स्कूल जरूर भेजें। लड़का और लड़की दोनों को शिक्षा हासिल करनी चाहिए क्योंकि केवल यही आपकी समस्याओं को दूर कर सकता हैं।’’

जब राष्ट्रपति को पता चला कि पीवीटीजी समुदाय की एक लड़की स्नातक है तो उन्होंने काफी खुशी व्यक्त की। वह लड़की बेरोजगार है इसीलिए उन्होंने राज्य के अनुसूचित जनजाति (एसटी) और अनुसूचित जाति (एससी) विकास, अल्पसंख्यक एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग के मंत्री से उसकी मदद के लिए कदम उठाने को कहा।

उन्होंने केंद्र की ओर से प्रधानमंत्री पीवीटीजी विकास मिशन की शुरुआत करने पर खुशी जताई और उन्होंने समुदाय की महिलाओं तक इसका लाभ पहुंचाने पर जोर दिया।

एक प्रतिभागी ने बताया कि राष्ट्रपति ने 10 पीवीटीजी के लगभग 50 सदस्यों से मुलाकात की और लोगों के स्वास्थ्य में सुधार की दिशा में कदम उठाने पर जोर दिया।

देश की पहली आदिवासी राष्ट्रपति के रूप में पिछले साल कार्यभार संभालने के बाद से वह 1800 पीवीटीजी सदस्यों से मिल चुकी हैं।

एक अधिकारी ने बताया कि इससे पहले उन्होंने अपने गृह जिले मयूरभंज की यात्रा के दौरान तीन पीवीटीजी के सदस्यों से मुलाकात की थी।

भारत में 75 पीवीटीजी में से 13 ओडिशा में रहते हैं और राज्य की आबादी का 22 प्रतिशत हिस्सा हैं।

एक अधिकारी ने बताया कि मुर्मू की पीवीटीजी सदस्यों के साथ बातचीत के दौरान ओडिशा के राज्यपाल गणेशी लाल, राज्य के एसटी और एससी विकास, अल्पसंख्यक और पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग के मंत्री जगन्नाथ सारका और विभाग के सचिव उपस्थित थे।

बैठक के बाद प्रदेश के कंधमाल जिले की कुटिया कोंध समुदाय की महिला प्रतिनिधि ने कहा कि बैठक में शामिल लोगों के घरों, उनके बच्चों की शिक्षा, कृषि, सड़कें एवं अन्य सुविधाओं के बारे में राष्ट्रपति ने जानकारी ली।

उन्होंने कहा, ‘‘हमने उन्हें बताया कि हमारे गांवों में कुछ भी ठीक नहीं है। राष्ट्रपति ने हमें आश्वासन दिया है कि पीवीटीजी जिन चुनौतियों का सामना कर रहे हैं उसके बारे में वह राज्य सरकार से बातचीत करेंगी।’’

रंजन

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