नयी दिल्ली, तीन फरवरी राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भारत और रूस के बीच सांस्कृतिक और कला क्षेत्रों में मजबूत जुड़ाव पर सोमवार को जोर दिया।
मुर्मू ने यह बात रूस के संसदीय प्रतिनिधिमंडल के साथ मुलाकात के दौरान कही, जिसका नेतृत्व रूस की संघीय असेंबली ‘ड्यूमा’ के अध्यक्ष व्याचेस्लाव वोलोदिन ने किया। प्रतिनिधिमंडल ने यहां राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति से मुलाकात की।
भारत में प्रतिनिधिमंडल का स्वागत करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि जनप्रतिनिधियों के बीच इस प्रकार के संवाद से न केवल मजबूत सहयोग को बढ़ावा मिलता है, बल्कि साझेदारी को समसामयिक और अद्यतन बनाए रखने में भी मदद मिलती है।
मुर्मू ने प्रतिनिधिमंडल को बताया कि उन्होंने नयी दिल्ली विश्व पुस्तक मेले का उद्घाटन किया, जिसमें रूस ‘फोकस’ देश है।
राष्ट्रपति कार्यालय की ओर से जारी एक बयान के अनुसार, राष्ट्रपति ने कहा कि यह मेला भारतीय पाठकों को रूस की समृद्ध साहित्यिक विरासत को जानने का एक शानदार अवसर प्रदान करता है। बयान में कहा गया कि उन्होंने सांस्कृतिक और कलात्मक क्षेत्रों में मजबूत भागीदारी का आग्रह किया।
मुर्मू ने कहा कि नियमित संपर्कों का सकारात्मक प्रभाव व्यापक ‘भारत-रूस विशेष और विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक साझेदारी’ में भी स्पष्ट है, जो विभिन्न स्तरों पर जारी बातचीत से महत्वपूर्ण रूप से लाभान्वित हो रही है।
राष्ट्रपति ने कहा कि नेतृत्व स्तर पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच नियमित रूप से बातचीत होती रहती है। उन्होंने कहा, ‘‘हमारी संसदों के बीच सहयोग का स्तर भी बहुत अच्छा रहा है।’’
मुर्मू ने कहा कि अंतर-संसदीय आयोग जैसी व्यवस्थाओं ने सहयोग को सुविधाजनक बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
उन्होंने भारत और रूस के युवा तथा महिला सांसदों के बीच घनिष्ठ संपर्क पर विशेष ध्यान देने पर बल दिया।
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