विदेश की खबरें | बांग्लादेश में संगीतकार सचिन देव बर्मन के घर को सांस्कृतिक परिसर में बदलने की तैयारी
श्रीलंका के प्रधानमंत्री दिनेश गुणवर्धने

कोमिल्ला (बांग्लादेश), 25 सितंबर बांग्लादेश के कोमिल्ला जिले में प्रसिद्ध संगीतकार सचिन देव बर्मन के महलनुमा घर को एक सांस्कृतिक परिसर में तब्दील करने के मकसद से शेख हसीना सरकार ने 1.10 करोड़ टका (लगभग 86 लाख रुपये) मंजूर किए हैं।

पेशे से वकील व लेखक गोलम फारुक ने कहा कि 1906 में जन्मे सचिव देव बर्मन ने अपने जीवन के पहले 18 साल कोमिल्ला जिले के इस दक्षिण चरथा गांव राजबारी (महल) में बिताए।

फारुक ने संगीतकार पर लिखी 596-पृष्ठों की एक किताब का संपादन किया है।

फारुक ने कहा, ‘‘देव को संगीत की शिक्षा उनके पिता की देखरेख में मिली, जो एक सितारवादक थे। बर्मन ने स्कूल की पढ़ाई कोमिल्ला जिला विद्यालय से पूरी की। इसके बाद 1924 में विक्टोरिया गवर्नमेंट कॉलेज से स्नातक की डिग्री हासिल की।’’

बांग्लादेश के अधिकारियों के अनुसार, संगीत उस्ताद के जन्मस्थान (उनके महल) को 30 नवंबर, 2017 को संरक्षित स्मारक के रूप में सूचीबद्ध किया गया था।

अधिकारियों के मुताबिक, प्रधानमंत्री शेख हसीना ने 2012 में त्रिपुरा विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में भाग लेने के लिए अगरतला का दौरा किया था। वहां लेखकों और सांस्कृतिक कार्यकर्ताओं के एक प्रतिनिधिमंडल को उन्होंने आश्वासन दिया था कि संगीतकार के घर को संरक्षित करने के साथ-साथ सरकार इसे एक सांस्कृतिक केंद्र और संग्रहालय में तब्दील करवाएंगी।

अधिकारियों ने बताया कि मई 2017 में, हसीना कवि काजी नजरूल इस्लाम की 116वीं जयंती में शामिल होने के लिए कोमिल्ला गईं थीं। वहां उन्होंने सात परियोजनाओं की आधारशिला रखी थी, जिनमें से एक 'सचिन देव बर्मन सांस्कृतिक परिसर' के लिए थी।

फारुक ने बताया कि महल का निर्माण सात एकड़ जमीन पर है, लेकिन इसके एक बड़े हिस्से पर पिछले कुछ साल में कब्जा कर लिया गया था।

उन्होंने ‘पीटीआई-’ से कहा, ‘‘हालांकि, कोमिल्ला के सांसद एके. एम. बहाउद्दीन बहार जिला प्रशासन की मदद से काफी हद तक जमीन खाली करवाने में सफल रहे हैं।’’

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