धार/इंदौर, 27 फरवरी मध्यप्रदेश के धार जिले में यूनियन कार्बाइड संयंत्र के 337 टन अपशिष्ट में से 10 टन को परीक्षण के आधार पर जलाने की तैयारी शुरू हो गई है। अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी देते हुए बताया कि इसके लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं।
इससे पहले, उच्चतम न्यायालय ने 1984 की भोपाल गैस त्रासदी से जुड़े अपशिष्ट को धार जिले के पीथमपुर में स्थानांतरित करने और उसका निपटान करने के मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय के आदेश में हस्तक्षेप करने से आज इनकार कर दिया।
इसके साथ ही न्यायमूर्ति बी आर गवई और न्यायमूर्ति ए जी मसीह की पीठ ने ‘यूनियन कार्बाइड इंडिया लिमिटेड’ के संयंत्र से निकले अपशिष्ट के निपटान के आज होने वाले परीक्षण पर रोक लगाने से भी इनकार कर दिया।
शीर्ष अदालत ने अपशिष्ट निपटान का विरोध करने वाले नागरिक समाज संगठनों के सदस्यों सहित पीड़ित पक्षों से उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाने को कहा है, जो मामले की सुनवाई कर रहा है।
एक अधिकारी ने बताया कि उच्चतम न्यायालय के आदेश के बाद, प्रशासन ने औद्योगिक शहर पीथमपुर में सुरक्षा बढ़ा दी है।
उन्होंने बताया कि इलाके में 24 थानों के करीब 500 पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। वरिष्ठ अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए हैं।
कचरे के निपटान का विरोध करने वालों ने कहा कि वे उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाएंगे। उन्होंने कहा कि उच्चतम न्यायालय ने उनकी बात सुनी और उन्हें उच्च न्यायालय में अपना पक्ष रखने को कहा।
प्रदर्शनकारियों में से एक संदीप रघुवंशी ने कहा, "हमारे वकीलों ने कहा है कि वे उच्च न्यायालय में अपना पक्ष मजबूती से रखेंगे। आंदोलन जारी रहेगा। हम अपने वकीलों के जरिए पीथमपुर के लोगों से बात करेंगे और उनके बताए तरीके से आंदोलन को आगे बढ़ाएंगे।"
इस मामले में उच्चतम न्यायालय की व्यवस्था के बाद इंदौर संभाग के आयुक्त दीपक सिंह ने कहा, "पीथमपुर की कचरा निपटान इकाई में यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री के कचरे को जलाने के पहले परीक्षण की तैयारी शुरू हो गई है।"
उन्होंने पीटीआई- को बताया कि उच्च न्यायालय के आदेश के मुताबिक, इस परीक्षण के पहले चरण में 10 टन कचरा जलाया जाएगा।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)













QuickLY