देश की खबरें | गहलोत सरकार गिराने की कोशिश के आरोप पर प्रतिक्रिया से प्रधान का परहेज
एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

इंदौर (मध्यप्रदेश), पांच दिसम्बर केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने राजस्थान की कांग्रेस सरकार के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के इस आरोप पर प्रतिक्रिया देने से शनिवार को लगातार परहेज किया कि भाजपा राज्य में उनकी सरकार गिराने की फिर से कोशिश कर रही है।

शहर के देवी अहिल्याबाई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर संवाददाताओं ने प्रधान से जब गहलोत के इस आरोप पर प्रतिक्रिया मांगी, तो उन्होंने इस बारे में पूछे गए सवाल को एक ठहाके के साथ टाल दिया और गाड़ी में बैठकर रवाना हो गए।

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इसके ठीक बाद केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हवाई अड्डे के नजदीक स्थित पितरेश्वर हनुमान मंदिर पहुंचे और दर्शन किए।

मंदिर परिसर में जब उनसे गहलोत के आरोप को लेकर दोबारा सवाल किया गया, तो उन्होंने इसका जवाब देने से फिर परहेज करते हुए कहा, "जय श्री हनुमान।"

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अधिकारियों ने बताया कि प्रधान मध्यप्रदेश के दो दिवसीय दौरे पर अपने परिवार के साथ शनिवार शाम इंदौर पहुंचे। उनका पड़ोसी शहर उज्जैन में रविवार को महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग के दर्शन का भी कार्यक्रम है।

इससे पहले, राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने केंद्र में सत्तारूढ़ भाजपा पर साजिश के तहत उनकी सरकार गिराने के नये प्रयास करने का आरोप लगाते हुए कहा, "यह षड़यंत्र (निर्वाचित सरकारों का गिराने का) भाजपा हर राज्य में कर रही है। लोग कहते हैं महाराष्ट्र की बारी आने वाली है। पता नहीं क्या होगा? वे राजस्थान में वापस गेम शुरू करने वाले हैं। यह इनकी (भाजपा नेताओं) की सोच है।"

गहलोत ने अपने इस आरोप के संदर्भ में कुछ महीने पहले राजस्थान में सामने आए राजनीतिक संकट की ओर इशारा करते हुए दावा किया कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने राज्य के कांग्रेस के बागी विधायकों से मुलाकात की थी और घण्टे भर की इस भेंट के दौरान धर्मेंद्र प्रधान और भाजपा के राज्यसभा सांसद सैयद जाफर इस्लाम भी मौजूद थे।

राजस्थान के मुख्यमंत्री ने कहा, "हमारे विधायकों ने आकर मुझसे कहा कि हमें (कथित मुलाकात के दौरान) शर्म आ रही थी, कहां तो सरदार पटेल गृह मंत्री थे और कहां अमित शाह गृह मंत्री के रूप में बैठे हुए हैं और हमें मिठाई-नमकीन खिला रहे हैं।"

गहलोत ने यह आरोप भी लगाया कि कांग्रेस के बागी विधायकों से मुलाकात के दौरान उनका "हौसला बढ़ाने के लिए" प्रधान ने उच्च न्यायालय और उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीशों से बात करने का "नाटक" किया था।

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