देश की खबरें | लखीमपुर खीरी हिंसा को लेकर सियासी घमासान : मौके पर जा रहे जा सभी विपक्षी नेता रोके गए

लखनऊ, चार अक्टूबर लखीमपुर खीरी में हुई हिंसा में चार किसानों समेत आठ लोगों की मौत के मामले को लेकर सियासी घमासान शुरू हो गया है। सोमवार को मौके पर जाने की कोशिश करने वाले सभी प्रमुख विपक्षी दलों के नेताओं को रोक दिया गया अथवा हिरासत में ले लिया गया।

इस बीच, राज्य सरकार ने कहा है कि “विपक्षी दलों का 2022 के विधानसभा चुनाव का सफर लाशों पर नहीं हो सकता”। किसी को भी माहौल बिगाड़ने की इजाजत नहीं दी जाएगी।

सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव को लखनऊ से लखीमपुर जाने से रोक दिया गया, जिसके बाद अखिलेश सड़क पर ही धरने पर बैठ गए। बाद में उन्हें तथा पार्टी के मुख्य महासचिव रामगोपाल यादव को हिरासत में ले लिया गया।

इसके अलावा लखीमपुर खीरी जाने की कोशिश करने पर कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा और प्रगतिशील समाजवादी पार्टी लोहिया के मुखिया शिवपाल सिंह यादव को हिरासत में ले लिया गया जबकि राष्ट्रीय लोकदल के अध्यक्ष जयंत चौधरी और आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सदस्य संजय सिंह को रास्ते में अलग-अलग स्थानों पर रोक लिया गया। बहुजन समाज पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव सतीश चंद्र मिश्र को भी लखीमपुर जाने से रोका गया।

मुख्य विपक्षी दल समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने सड़क पर धरना प्रदर्शन के दौरान आरोप लगाते हुए कहा, "किसानों पर इतना अन्याय इतना जुल्म अंग्रेजों ने भी नहीं किया जितना भाजपा की सरकार कर रही है। सरकार विपक्ष के किसी भी नेता को लखीमपुर खीरी क्यों नहीं जाने देना चाहती। सरकार आखिर क्या छुपाना चाहती है। यह सरकार इस बात से घबराती है कि जनता कहीं सच्चाई न जान जाए।"

अखिलेश ने आरोप लगाया, "भाजपा की सरकार पूरी तरह असफल हुई है। सबसे पहले गृह राज्य मंत्री को इस्तीफा देना चाहिए। इसके साथ-साथ उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य को भी इस्तीफा देना चाहिए जिन्हें कानून व्यवस्था बिगड़ने की पूरी सूचना थी।"

इसके पूर्व कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव और उत्तर प्रदेश प्रभारी प्रियंका गांधी वाद्रा तथा पार्टी राज्य सभा सदस्य दीपेंद्र हुड्डा समेत पांच नेताओं को सोमवार तड़के लखीमपुर खीरी जाते वक्त रास्ते में सीतापुर में हिरासत में ले लिया गया।

कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू ने बताया कि प्रियंका तथा लखीमपुर खीरी जा रहे अन्य नेताओं को सीतापुर में हिरासत में लेकर पीएसी परिसर में ले जाया गया।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)