देश की खबरें | शरजील की याचिका पर अतिरिक्त स्थिति रिपोर्ट दाखिल करने के लिये पुलिस को समय मिला

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. दिल्ली उच्च न्यायालय ने भड़काऊ भाषण देने को लेकर गिरफ्तार जेएनयू के पूर्व छात्र शरजील इमाम की एक याचिका पर अतिरिक्त स्थिति रिपोर्ट दाखिल करने के लिये बुधवार को दिल्ली पुलिस को समय दे दिया।

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नयी दिल्ली, 10 जून दिल्ली उच्च न्यायालय ने भड़काऊ भाषण देने को लेकर गिरफ्तार जेएनयू के पूर्व छात्र शरजील इमाम की एक याचिका पर अतिरिक्त स्थिति रिपोर्ट दाखिल करने के लिये बुधवार को दिल्ली पुलिस को समय दे दिया।

शरजील ने याचिका के जरिये एक निचली अदालत के उस आदेश को चुनौती दी है, जिसके तहत पुलिस को जांच पूरी करने के लिये और अधिक वक्त दिया गया।

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न्यायमूर्ति वी कामेश्वर राव ने वीडियो कांफ्रेंस के जरिये सुनवाई की और मामले की अगली सुनवाई 25 जून के लिये सूचीबद्ध कर दी।

सुनवाई शुरू होने पर दिल्ली पुलिस की ओर से अतिरिक्त सॉलीसीटर जनरल अमन लेखी ने दलील दी कि उन्हें इस विषय में अतिरिक्त स्थिति रिपोर्ट दाखिल करने के लिये 10 दिनों का वक्त चाहिए।

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पुलिस ने उच्च न्यायालय में पांच जून को एक हलफनामा दाखिल कर इमाम की उस याचिका विरोध किया था, जिसके जरिये जांच को निष्कर्ष तक पहुंचाने के लिये पुलिस और वक्त देने के निचली अदालत के आदेश को चुनौती दी गई थी।

उल्लेखनीय है कि इमाम को पिछले साल जामिया मिल्लिया इस्लामिया के पास हुए सीएए विरोधी हिंसक प्रदर्शनों से जुड़े मामले में बिहार के जहानाबाद जिले से 28 जनवरी को गिरफ्तार किया गया था।

संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) और राष्ट्रीय नागरिक पंजी (एनआरसी) के खिलाफ प्रदर्शनों के दौरान शरजील ने कथित तौर पर भड़काऊ भाषण दिये थे।

गिरफ्तारी के बाद जांच पूरी करने की 90 दिनों की कानूनी अवधि 27 अप्रैल को समाप्त हो गई। वहीं, दिल्ली पुलिस को गैर कानूनी गतिविधि (रोकथाम) कानून :यूएपीए: के तहत मामले की जांच पूरी करने के लिये और 90 दिनों का वक्त दिये जाने के निचली अदालत के आदेश को शरजील की याचिका में चुनौती दी गई, जिसके जवाब में पुलिस ने हलफनामा दाखिल किया।

इमाम असम पुलिस द्वारा दर्ज यूएपीए से जुड़े एक मामले में फिलहाल गुवाहाटी जेल में कैद है।

मणिपुर और अरूणाचल प्रदेश पुलिस ने भी असम और शेष पूर्वोत्तर को देश से काट कर अलग करने की कथित टिप्पणी करने को लेकर उसके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है।

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