देश की खबरें | एनएचआरसी की रिपोर्ट के अनुसार पुलिस जामिया हिंसा से पेशेवर ढंग से नहीं निपट पाई: उच्च न्यायालय
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. दिल्ली उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को कहा कि राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) की रिपोर्ट में कहा गया है कि सीएए-विरोधी प्रदर्शनों के दौरान जामिया मिल्लिया इस्लामिया में हुई हिंसा से पुलिस ''पेशेवर'' ढंग से नहीं निपट पाई।
नयी दिल्ली, 21 अगस्त दिल्ली उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को कहा कि राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) की रिपोर्ट में कहा गया है कि सीएए-विरोधी प्रदर्शनों के दौरान जामिया मिल्लिया इस्लामिया में हुई हिंसा से पुलिस ''पेशेवर'' ढंग से नहीं निपट पाई।
मुख्य न्यायाधीश डीएन पटेल और न्यायमूर्ति प्रतीक जालान की पीठ ने कहा, ''उसका (एनएचआरसी का) कहना है कि वहां कानून-व्यवस्था की समस्या थी। साथ ही उसने (पुलिस में) पेशेवर समझ की कमी की बात कही है। यह (रिपोर्ट) संकेत देती है कि इससे (घटना से) पेशेवर ढंग से नहीं निपटा गया। ''
यह भी पढ़े | Actress Sonakshi Sinha: अभिनेत्री सोनाक्षी सिन्हा के सोशल मीडिया अकाउंट अभद्र कमेंट करने वाला शख्स गिरफ्तार.
अदालत ने यह टिप्पणी अतिरिक्त सॉलीसिटर जनरल (एएसजी) अमन लेखी की इस दलील पर की कि आयोग का कहना है कि विश्वविद्यालय में कानून-व्यवस्था की समस्या थी, लिहाजा परिसर में पुलिस का प्रवेश जायज था।
एएसजी ने अदालत की टिप्पणी के जवाब में कहा कि रिपोर्ट में केवल यह कहा गया है कि पुलिस ज्यादती की कुछेक घटनाएं हुईं। इसमें यह नहीं कहा गया है कि पूरी कार्रवाई ही गैर जरूरी थी।
उन्होंने कहा कि आयोग ने पुलिस के अधिकारियों द्वारा ज्यादती किये जाने की कुछेक घटनाओं की जांच की जिम्मेदारी पुलिस पर छोड़ दी थी न कि किसी बाहरी एजेंसी पर।
एएसजी की इस दलील पर अदालत ने कहा, ''यह बात ठीक है। लेकिन इसे (रिपोर्ट) को किसी के लिये क्लीन चिट नहीं माना जा सकता।''
उच्च न्यायालय कई याचिकाओं पर सुनवाई कर रहा है जिनमें पुलिस और अर्धसैनिक बलों द्वारा विश्वविद्यालय के छात्रों पर क्रूर तरीके से अत्यधिक बल प्रयोग करने के आरोप लगाए गए हैं।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)