मोराविकी ने यह नहीं बताया कि यह अनुरोध कब किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पोलैंड लैपर्ड टैंक भेजने के लिए तैयार देशों का गठबंधन बना रहा है।
उन्होंने विस्तार से जानकारी दिए बिना कहा कि यदि जर्मनी अनुमति नहीं देता है, तो भी पोलैंड अपना निर्णय स्वयं लेगा।
मोराविकी ने कहा, ‘‘हम (जर्मनी से) अनुमति मांगेंगे।’’
उन्होंने कहा, ‘‘यदि हमें अंतत: यह अनुमति नहीं मिलती है, तो हम इस छोटे से गठबंधन के साथ मिलकर यूक्रेन को हमारे टैंक सौंपेंगे, भले ही जर्मनी इस गठबंधन में शामिल नहीं हो।’’
जर्मनी की विदेश मंत्री अन्नालेना बाएरबॉक ने फ्रांसीसी टीवी चैनल ‘एलसीआई’ से रविवार को कहा कि उनकी सरकार को पोलैंड से कोई औपचारिक अनुरोध नहीं मिला है, लेकिन ‘‘यदि हमसे पूछा जाता है, तो हम विरोध नहीं करेंगे।’’
मोराविकी ने बाएरबॉक के इस बयान के संबंध में कहा कि ‘‘दबाव डालना समझ में आता है’’ और उनके शब्द यह उम्मीद देते हैं कि जर्मनी भी गठबंधन में शामिल हो सकता है।
उन्होंने कहा कि बाएरबॉक ने ‘‘एक अलग संदेश भेजा है जो आशा की एक किरण देता है कि जर्मनी अब बाधा उत्पन्न नहीं करेगा और यूक्रेन के समर्थन में भारी, आधुनिक उपकरण संभवत: उपलब्ध कराएगा।’’
मोराविकी ने पोजनान में एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘हम बर्लिन में सरकार पर अपने लैपर्ड उपलब्ध कराने के लिए लगातार दबाव बना रहे हैं।’’
मोराविकी के अनुसार, जर्मनी के पास ‘‘350 से अधिक सक्रिय लैपर्ड और भंडारण में लगभग 200 लैपर्ड हैं।’’
यूक्रेन सरकार का कहना है कि रूस की आक्रमणकारी ताकतों पर हावी होने के लिए टैंक और विशेष रूप से जर्मन निर्मित लैपर्ड महत्वपूर्ण हैं।
जर्मनी यूक्रेन को हथियार देने वाले मुख्य देशों में शामिल है और उसने संभावित हरी झंडी के लिए अपने लैपर्ड 2 भंडार की समीक्षा का आदेश दिया है, लेकिन जर्मन सरकार यूक्रेन को लेकर प्रतिबद्धता बढ़ाने की दिशा में हर कदम सावधानी से रख रही है।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)












QuickLY