नयी दिल्ली, 13 नवंबर दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (डीपीसीसी) ने प्रदूषण कर रही दो इकाइयों को सील कर दिया है और ऐसी 15 अन्य इकाइयों को बंद करने का आदेश दिया है जो यमुना में फेन (झाग) बनने का कारण हो सकती है।
प्रदूषण कर रहीं जिन इकाइयों को सील किया गया है उनमें हैं पटपड़गंज औद्योगिक क्षेत्र में ऑटोमोबाइल सर्विस स्टेशन सह शोरूम, लॉरेंस रोड औद्योगिक क्षेत्र में जींस रंगाई एवं धुलाई इकाई। इन इकाइयों से निकलने वाले प्रदूषित पदार्थों के शोधन की उचित व्यवस्था नहीं थी।
डीपीसीसी की ओर से बताया गया कि खयाला पुनर्विकास क्षेत्र में 21 इकाइयों का निरीक्षण किया गया। इनमें से 15 इकाइयां शोधन की उचित व्यवस्था के बगैर संचालित हो रही थीं, उन्हें बंद करने का निर्देश दिया गया है।
इसमें बताया गया कि पटपड़गंज औद्योगिक इलाके में एक ऑटोमोबाइल सर्विस एवं मरम्मत इकाई को कारण बताओ नोटिस दिया गया है।
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कालिंदी कुंज इलाके के निकट यमुना नदी की सतह पर जहरीले फेन की तस्वीरें कुछ दिन पहले सोशल मीडिया पर सामने आई थीं जिसके बाद विशेषज्ञों ने कहा था कि इस प्रदूषण के पीछे मुख्य वजह डिटर्जेंट है।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के एक अधिकारी ने बताया कि देश में अधिकतर डिटर्जेंट के पास अंतरराष्ट्रीय मानकीकरण संगठन (आईएसओ) का प्रमाण पत्र नहीं है जिसके तहत रासायनिक पदार्थों में फॉस्फेट की सांद्रता के लिए सीमा तय होती है।
उन्होंने बताया कि जहरीला फेन बनने का प्रमुख कारण फॉस्फेट का उच्च स्तर है।
मानसी नरेश
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