देश की खबरें | विपक्षी गठबंधन का नाम ‘इंडिया’ रखे जाने के कारण हिंदुस्तान को बुरा-भला कह रहे प्रधानमंत्री: राहुल

नयी दिल्ली, 27 जुलाई कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने बृहस्पतिवार को आरोप लगाया कि विपक्षी गठबंधन का नाम ‘इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इन्क्लूसिव अलायंस’ (इंडिया) रखे जाने की वजह से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी अब देश को ही बुरा-भला कह रहे हैं।

उन्होंने बेंगलुरु में भारतीय युवा कांग्रेस के अधिवेशन को डिजिटल माध्यम से संबोधित करते हुए यह दावा भी किया कि भारतीय जनता पार्टी एवं राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) सत्ता पाने के लिए कुछ भी कर सकते हैं।

प्रधानमंत्री मोदी ने बृहस्पतिवार को राजस्थान के सीकर में एक सभा को संबोधित करते हुए कहा कि ‘यूपीए’ (संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन) का नाम बदला है ताकि ये आतंकवाद के सामने घुटने टेकने का अपना पाप छिपा सकें।

मोदी ने कहा, ‘‘इनका तरीका वही है जो हमेशा देश के दुश्मनों ने अपनाया है। पहले भी ‘इंडिया’ के नाम के पीछे अपने पाप को छुपाने का प्रयास किया गया है। इंडिया नाम तो ईस्ट इंडिया कंपनी में भी था। लेकिन वहां इंडिया नाम अपनी भारत भक्ति दिखाने के लिए नहीं, बल्कि भारत को लूटने के इरादे से लगाया गया था। कांग्रेस के शासनकाल में सिमी यानी स्टूडेंट इस्लामिक मूवमेंट ऑफ इंडिया बना था। नाम में इंडिया था लेकिन मिशन, इंडिया को आतंकी हमलों से बर्बाद करने का था।’’

राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री पर पलटवार करते हुए कहा, ‘‘विपक्षी गठबंधन ने बहुत सुंदर नाम चुना, जो हमारे दिल से निकला, ‘इंडिया’। हम ‘इंडिया’ हैं। हमने जैसे ही यह नाम दिया, उसी ‘इंडिया’ को नरेन्द्र मोदी जी ने गाली देना शुरू कर दिया, उन्होंने ये भी नहीं सोचा कि वह इस पवित्र शब्द हिंदुस्तान को गाली दे रहे हैं।’’

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ने दावा किया कि यह ‘अहंकार’ है।

कांग्रेस नेता ने कहा, ‘‘देश में विचारधारा की लड़ाई चल रही है। एक तरफ आरएसएस, भाजपा की विचारधारा और दूसरी तरफ कांग्रेस पार्टी की विचारधारा है। कांग्रेस की विचारधारा, संविधान की विचारधारा, देश को जोड़ने की विचारधारा, सबको एक साथ लेने की विचारधारा है। आरएसएस और भाजपा चाहते हैं कि कुछ चुने हुए लोग इस देश को चलाएं, पूरा का पूरा धन उन चुने हुए लोगों के हाथों में हो, सभी संस्थाएं उन्‍हीं लोगों के नियंत्रण में रहें।’’

उन्होंने दावा किया, ‘‘आपको आश्‍चर्य होगा कि प्रधानमंत्री जी मणिपुर के बारे में एक शब्‍द नहीं बोले...आपको आश्‍चर्य होगा कि प्रधानमंत्री, नरेन्‍द्र मोदी मणिपुर क्‍यों नहीं जा रहे हैं? मणिपुर के बारे में बोल क्‍यों नहीं रहे हैं? क्‍योंकि नरेन्‍द्र मोदी जी कुछ गिने-चुने लोगों के प्रधानमंत्री हैं, आरएसएस के प्रधानमंत्री हैं, उनको मणिपुर से कोई लेना-देना नहीं हैं।’’

राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री जानते हैं कि उनकी विचारधारा ने मणिपुर को जलाया है।

उन्होंने कहा, ‘‘आपको गारण्‍टी देकर कह सकता हूं कि मणिपुर से प्रधानमंत्री के दिल में दर्द नहीं हुआ।’’

कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया, ‘‘ये लोग मणिपुर को जला देंगे, बाकी देश को जला देंगे। इनको देश के दर्द से कुछ फर्क नहीं पड़ता, दुख से कोई फर्क नहीं पड़ता, इनको सिर्फ सत्ता चाहिए।’’

राहुल गांधी ने युवा कांग्रेस के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं का आह्वान करते हुए कहा, ‘‘भाजपा-आरएसएस ने मणिपुर में नफरत के बाजार खोल लिए, चलिए हम जाकर मोहब्बत की दुकान खोलते हैं। ये लोग जहां भी नफरत फैलाते हैं, वहां जाकर आप मोहब्बत की दुकान खोलिए।’’

हक

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