जयपुर, 23 अप्रैल राजस्थान सरकार 23 पुरानी हवाई पट्टियों को सार्वजनिक-निजी भागीदारी के आधार पर विकसित करने की योजना बना रही है, जहां विशेष (चार्टर्ड) और छोटी उड़ानें उतर सकेंगी। राज्य के पर्यटन मंत्री विश्वेंद्र सिंह ने रविवार को यह बात कही।
विश्वेंद्र सिंह ने जयपुर में जी-20 पर्यटन एक्सपो को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘ मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के मार्गदर्शन और नेतृत्व में हम 23 पुरानी हवाई पट्टियों को पीपीपी (सार्वजनिक-निजी भागीदारी मोड) पर डालने की योजना बना रहे हैं, जहां विशेष उड़ानों की सुविधा सीधे उपलब्ध कराई जा सकेगी। ’’
उन्होंने सभी प्रतिभागियों को 'राजस्थान पर्यटन के राजदूत' के रूप में वापस भेजे जाने का भी आह्वान किया।
विश्वेंद्र सिंह के पास राज्य मंत्रिमंडल में नागरिक उड्डयन विभाग भी है।
उन्होंने किशनगढ़ हवाईअड्डे का उदाहरण देते हुए कहा कि इस हवाईअड्डे पर उड़ानें शुरू होने के बाद मुख्य हवाईअड्डे पर दबाव कम हुआ है। इसलिए, अजमेर या जियारत के लिए जाने वाले लोग किशनगढ़ हवाई अड्डे से जा रहे हैं।
इस योजना की स्थिति के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि यह '‘प्रक्रिया में है और जल्द ही इसे पूरा कर लिया जाएगा।'’
विश्वेंद्र सिंह ने पीटीआई- से कहा, ‘‘ हम इन हवाई पट्टियों को पीपीपी मोड पर तैयार करने की योजना बना रहे हैं, इसलिए निवेश निजी क्षेत्र से होगा। राज्य को विमानों के उतरने और उड़ान भरने के शुल्क का एक निश्चित प्रतिशत मिलेगा। इसलिए, यह कनेक्टिविटी को बढ़ाएगा। ’’
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