नयी दिल्ली, 23 अगस्त राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में पेट्रोल पंप मालिकों ने पेट्रोल एवं डीजल पर से मूल्य वर्धित कर (वैट) हटाने और उनकी बिक्री पर लाभांश (मार्जिन) को संशोधित करने की मांग करते हुए यहां जंतर -मंतर पर प्रदर्शन किया।
अन्य राज्यों के पेट्रोल पंप मालिकों के कई ‘वेलफेयर एसोसएिशन’ के प्रतिनिधियों ने भी इस प्रदर्शन में हिस्सा लिया।
प्रदर्शनकारियों ने वैट को ‘व्यवधानकारक’ करार देते हुए उसे हटाने तथा पेट्रोलियम उत्पादों को वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) व्यवस्था के अंतर्गत लाने की मांग की।
उत्तर प्रदेश पेट्रोलियम ट्रेडर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष रंजीत कुमार ने कहा, ‘‘पिछला संशोधन 2017 में किया गया था। पेट्रोल एवं डीजल के दाम बढ़ गये हैं जबकि लाभांश जस-का-तस बना हुआ है।’’
पंजाब पेट्रोल पंप डीलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष परमजीत सिंह दोआबा ने कहा, ‘‘वर्तमान स्थिर लाभांश के साथ अपने आप को टिकाये रखना हमारे लिए मुश्किल हो रहा है। तेल विपणन कंपनियां हमारी वैध मांगों पर ध्यान नहीं दे रही है।’’
विभिन्न एसोसिएशन ने मिलावटी डीजल का मुद्दा भी उठाया है। उनका कहना था कि किसी निगरानी प्रणाली के नहीं होने के कारण टैंकरों का उपयोग रसायन मिश्रित मिलावटी डीजल की बिक्री के लिए बड़े पैमाने पर किया जाता है।
प्रदर्शनकारियों ने पेट्रोलियम मंत्रालय को एक ज्ञापन सौंपकर उससे पेट्रोल एवं डीजल की बिक्री पर लाभांश बढ़ाने तथा पेट्रोलियम उत्पादों को जीएसटी व्यवस्था के तहत लाने की मांग की।
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