देश की खबरें | आवासीय सोसाइटी को निषिद्ध क्षेत्र घोषित किये जाने के खिलाफ अदालत में याचिका

अहमदाबाद, 27 जून अहमदाबाद के एक नागरिक ने गुजरात उच्च न्यायालय में आवेदन दाखिल कर अपने आवासीय परिसर को कोरोना वायरस प्रकोप के चलते माइक्रो कन्टेनमेंट (निरूद्ध) क्षेत्र घोषित किये जाने के नगर निगम के फैसले को चुनौती दी है।

विश्वास भाम्बुरकर ने सेटेलाइट सेंटर सहकारी आवास समिति को निरूद्ध क्षेत्र घोषित करने के अहमदाबाद नगर निगम के 20 जून के फैसले को चुनौती दी है जहां वह रहते हैं।

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भाम्बुरकर ने कोरोना वायरस के कारण लगे लॉकडाउन की संवैधानिक वैधता को भी चुनौती दी है और दावा किया कि इसमें लोगों को बिना किसी कानूनी आधार के ‘घर में नजरबंद’ रहने पर मजबूर किया गया और कमजोर तबकों को उनके हाल पर जीने के लिहाज से संघर्ष करने के लिए छोड़ दिया गया।

भाम्बुरकर की अर्जी सोमवार को तत्काल सुनवाई के लिए रखी जाएगी। उन्होंने कहा कि उनकी सोसाइटी से 12 लोग 13 जून तक कोरोना वायरस संक्रमित मिले हैं।

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उन्होंने कहा कि 12 में से नौ लोग सही हो चुके हैं और एक बुजुर्ग महिला की मौत हो गयी।

भाम्बुरकर ने दलील दी कि पिछले 15 दिन से उनकी सोसाइटी में कोई नया मामला नहीं है और इसलिए नगर निगम द्वारा उसे निरूद्ध क्षेत्र घोषित करने का कोई आधार नहीं है।

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