चंडीगढ़, 24 जुलाई पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय ने अमृतसर के गुरु नानक देव अस्पताल में कोविड-19 के दो मरीजों के शव की अदला-बदली के मामले में जांच आयोग के गठन का अनुरोध करने वाली याचिका शुक्रवार को खारिज कर दी।
अस्पताल में 17 जुलाई को 92 वर्षीय कोविड-19 मरीज की मौत हो गई थी, जिनका शव एक अन्य महिला मरीज से बदल गया था।
यह भी पढ़े | बिहार: पटना एम्स की छत से COVID-19 पॉजिटिव मरीज ने लगाईं छलांग.
मृतक बुजुर्ग के दो बेटों ने मामले में पंजाब सरकार पर लीपापोती की साजिश का आरोप लगाते हुए याचिका दायर की थी।
शव की अदला-बदली का मामला उस समय सामने आया, जब 92 वर्षीय बुजुर्ग के परिवार के सदस्यों ने होशियारपुर में अंतिम संस्कार से पहले एक बार चेहरा देखने पर जोर डाला।
वे पीपीई किट में लिपटे एक महिला के शव को देखकर अचंभित हो गए।
हालांकि, 37 वर्षीय महिला के परिजन पहले ही अमृतसर में उन्हें प्राप्त शव का अंतिम संस्कार कर चुके थे।
याचिकाकर्ताओं ने पंजाब सरकार की ओर से दिए गए मैजिस्ट्रेट जांच के आदेश को दिखावा करार देते हुए आरोपों के मद्देनजर अदालत की निगरानी में जांच आयोग के गठन का अनुरोध किया था।
याचिका में हस्तक्षेप से इंकार करते हुए अदालत ने पाया कि याचिकाकर्ताओं की ओर से पेश दलीलें ''निराधार एवं समय से पहले दायर की गई हैं क्योंकि मामले में जांच जारी है और अंतिम रिपोर्ट आना अभी बाकी है।''
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)












QuickLY