कोयंबटूर, चेन्नई, 17 जुलाई तमिलनाडु में कोयंबटूर के सुंदरपुरम इलाके में समाज सुधारक ई वी रामासामी ‘पेरियार’ की आदमकद प्रतिमा शुक्रवार को यहां विरूपित पाई गई जिसके बाद द्रमुक, एमडीएमके और वीसीके के कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया। प्रतिमा पर भगवा रंग से पुताई कर दी गई थी।
पुलिस ने कहा कि वह मामले की जांच कर रही है और तुरंत कार्रवाई करने का आश्वासन दिया।
संदेह है कि प्रतिमा को तड़के विरूपित किया गया, जिससे तनाव फैल गया और वहां पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया।
पेरियार के अनुयायियों ने पुलिस की सहायता से प्रतिमा के एक हिस्से से रंग को साफ किया।
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अन्नाद्रमुक के वरिष्ठ नेता और मत्स्य मंत्री डी. जयकुमार ने कहा कि इस तरह की ओछी हरकतें स्वीकार्य नहीं हैं। उन्होंने कहा कि यह दंडनीय अपराध है।
द्रमुक अध्यक्ष एम. के. स्टालिन ने कहा कि पेरियार ने ‘‘निचले तबके के लोगों’’ के लिए भी सराहनीय कार्य किए, इसलिए उन्हें ‘पेरियार’ (महान व्यक्ति) कहा जाता है।
एमडीएमके प्रमुख वाइको ने मांग की कि सरकार ‘‘जिम्मेदारी’’ से काम करे और कार्रवाई करे।
उन्होंने ‘‘तमिलनाडु में पेरियार की प्रतिमाओं के लगातार निशाना बनाए जाने की’’ निंदा की।
सत्तारूढ़ अन्नाद्रमुक के सहयोगी पीएमके ने अपराधियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की और प्रतिमा विरूपित करने को कायरतापूर्ण कार्य बताया।
यह प्रतिमा 1995 में शहर में स्थापित की गई थी। शहर में उनकी कुल तीन प्रतिमाएं हैं।
भाकपा के जिला सचिव वी. एस. सुंदरम ने बताया कि पेरियार की प्रतिमा को विरूपित करना स्वीकार्य नहीं है और उन्होंने पुलिस से फौरन कार्रवाई करने और ‘असामाजिक तत्वों’ को गिरफ्तार करने का अनुरोध किया।
द्रमुक विधायक एन. कार्तिक ने भी घटना की निंदा की और कहा कि यह तमिलनाडु में शांति भंग करने की कोशिश हो सकती है।
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