गुवाहाटी, पांच मई असम के गुवाहाटी में रहने वाले मणिपुरी लोगों ने उनके राज्य में हिंसा में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर शुक्रवार को यहां प्रदर्शन किया।
यहां मणिपुर बस्ती इलाके में विरोध प्रदर्शन में सैकड़ों लोगों ने हिस्सा लिया जिनमें मुख्य रूप से मेइती समुदाय के लोग शामिल थे।
‘मणिपुर को-ऑर्डिनेशन कमेटी, गुवाहाटी’ के झंडे तले प्रदर्शनकारियों ने हाथों में तख्तियां ले रखी थीं जिनपर ‘हमारे अस्तित्व की कीमत पर मणिपुर में शांति नहीं होनी चाहिए’, ‘नो एसटी नो रेस्ट’ और ‘मेइती के लिये एसटी दर्जे पर कोई समझौता नहीं, यह हमारे अस्तित्व के लिये है’ आदि नारे लिखे थे।
उन्होंने ‘शरणार्थी वापस जाओ’ के नारे लगाए और मणिपुर में हिंसा के दोषियों की पहचान करने और उन्हें मिसाल बनने वाली सजा दिए जाने की मांग की।
एक प्रेस विज्ञप्ति में समन्वय समिति ने सभी पक्षकारों से पड़ोसी राज्य में शांति और सद्भाव कायम रखने की अपील की।
उन्होंने आशंका जताई कि मणिपुर में बुधवार से अब तक हुई हिंसा में 1,000 से अधिक घर जला दिए गए हैं और कई लोग मारे गए हैं।
समिति ने “नस्ली सफाए के बर्बर कृत्यों” और सांप्रदायिक झड़पों की निंदा की।
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