जरुरी जानकारी | मूंगफली धराशायी, बाकी तेल-तिलहनों में सुधार

नयी दिल्ली, दो नवंबर विदेशों में मजबूती के रुख के बीच देश के तेल-तिलहन बाजारों में बृहस्पतिवार को मूंगफली तेल-तिलहन कीमतों में गिरावट को छोड़कर बाकी सभी (सरसों, सोयाबीन तेल तिलहन, कच्चा पामतेल एवं पामोलीन तथा बिनौला तेल) तेल-तिलहनों की कीमतों में बुधवार के मुकाबले मजबूती देखी गई।

मलेशिया एक्सचेंज में दो प्रतिशत का सुधार चल रहा है जबकि शिकॉगो एक्सचेंज में सुधार के रुख के साथ घट-बढ़ चल रही है।

कारोबारी सूत्रों ने कहा कि सरकार और तेल संगठनों को इस तथ्य की ओर ध्यान देना होगा कि मंडियों में मूंगफली, न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) से नीचे बिक रहा है। वैसे देशी सरसों और सूरजमुखी भी एमएसपी से कम दाम पर बिक रहे हैं। ऐसी चर्चा है कि सरकार दीवाली के बाद एमएसपी पर मूंगफली की खरीद करेगी। लेकिन तब तक बहुत से छोटी जोत वाले किसानों की फसल सस्ते में खरीद ली जायेगी। इस ओर ध्यान देने की आवश्यकता है। लूज में एमएसपी से कम दाम पर खरीदने के बाद भी पेराई मिल वालों को पेराई में पांच रुपये लीटर का नुकसान है। सस्ते आयातित तेलों के दबाव में मौजूदा हाल बना रहा तो मूंगफली किसान आगे मूंगफली बोने से कतरायेंगे। मूंगफली, सरसों जैसे तेल का कोई विकल्प नहीं है। कभी देश मूंगफली उत्पादन के मामले में काफी ऊंचे स्थान पर था लेकिन आज हम पिछड़ रहे हैं। इन सब बातों पर गंभीरता से सोचने की जरूरत है। बाद में आयातित तेलों पर आयात शुल्क बढ़ा भी दिया गया तो उसका कोई फायदा, किसानों का विश्वास लौटाने में नहीं मिलेगा।

सूत्रों ने कहा कि आज कांडला बंदरगाह पर बायोडीजल बनाने वालों ने दिसंबर अनुबंध का सूरजमुखी तेल 76.50 रुपये लीटर के भाव खरीदा है। आज आयातित सूरजमुखी तेल की स्थिति यह हो गयी है कि अब सस्ते की वजह से बायोडीजल बनाने वाली कंपनियां इसे खरीदने लगी हैं जिस तेल को बाजार का ‘राजा तेल’ बोला जाता है।

उन्होंने कहा कि लेकिन खुदरा में यही सस्ता आयातित सूरजमुखी तेल उपभोक्ताओं को महंगे में मिल रहा है। सूरजमुखी तेल का दाम पिछले कुछ महीनों के मुकाबले लगभग आधा रह जाने के बाद और नयी पैदावार बाजार में आनी शुरू होने के बीच मूंगफली तेल-तिलहन के दाम घटे हैं। विदेशी बाजारों के मजबूत रहने के बीच सोयाबीन तेल-तिलहन, सीपीओ एवं पामोलीन तथा बिनौला तेल के भाव भी बुधवार के मुकाबले मजबूत बंद हुए।

बृहस्पतिवार को तेल-तिलहनों के भाव इस प्रकार रहे:

सरसों तिलहन - 5,770-5,820 (42 प्रतिशत कंडीशन का भाव) रुपये प्रति क्विंटल।

मूंगफली - 6,600-6,675 रुपये प्रति क्विंटल।

मूंगफली तेल मिल डिलिवरी (गुजरात) - 15,000 रुपये प्रति क्विंटल।

मूंगफली रिफाइंड तेल 2,225-2,510 रुपये प्रति टिन।

सरसों तेल दादरी- 10,700 रुपये प्रति क्विंटल।

सरसों पक्की घानी- 1,810 -1,905 रुपये प्रति टिन।

सरसों कच्ची घानी- 1,810 -1,920 रुपये प्रति टिन।

तिल तेल मिल डिलिवरी - 18,900-21,000 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन तेल मिल डिलिवरी दिल्ली- 10,000 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन मिल डिलिवरी इंदौर- 9,880 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन तेल डीगम, कांडला- 8,275 रुपये प्रति क्विंटल।

सीपीओ एक्स-कांडला- 7,850 रुपये प्रति क्विंटल।

बिनौला मिल डिलिवरी (हरियाणा)- 8,825 रुपये प्रति क्विंटल।

पामोलिन आरबीडी, दिल्ली- 9,100 रुपये प्रति क्विंटल।

पामोलिन एक्स- कांडला- 8,225 रुपये (बिना जीएसटी के) प्रति क्विंटल।

सोयाबीन दाना - 5,010-5,110 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन लूज- 4,810-4,910 रुपये प्रति क्विंटल।

मक्का खल (सरिस्का)- 4,050 रुपये प्रति क्विंटल।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)