जरुरी जानकारी | थोक दाम कमजोर रहने के बावजूद मूंगफली तेल-तिलहन की खुदरा कीमतें आसमान पर

नयी दिल्ली, आठ जुलाई घरेलू तेल-तिलहन बाजार में मंगलवार को वैसे तो सोमवार के बंद भाव के मुकाबले सरसों एवं मूंगफली तेल-तिलहन, सोयाबीन तेल, कच्चे पामतेल (सीपीओ) एवं पामोलीन तेल कीमतों में सुधार आया लेकिन इस सुधार के बावजूद मूंगफली, सूरजमुखी और सोयाबीन के दाम न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) से 15-25 प्रतिशत नीचे ही बने हुए हैं।

दूसरी ओर, धीमे एवं सुस्त कारोबार के बीच सोयाबीन तिलहन और बिनौला तेल के दाम स्थिर बने रहे।

बाजार सूत्रों ने कहा कि काफी समय से घरेलू तेल-तिलहन बाजार में मूंगफली का थोक दाम न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) से काफी नीचे होने के बावजूद मूंगफली तेल-तिलहन के खुदरा दाम आसमान छूते नजर आ रहे हैं। मूंगफली तेल का थोक बिक्री दाम 125-126 रुपये लीटर है और मुनाफे एवं अन्य खर्चो को जोड़ने के बाद यह अधिकतम 150-155 रुपये लीटर बिकना चाहिये। पर खुदरा बाजार में इसका भाव न्यूनतम 180-185 रुपये लीटर होना समझ से परे है।

उन्होंने कहा कि मूंगफली के साथ-साथ सूरजमुखी और सोयाबीन के खुदरा हाजिर दाम भी अपने-अपने एमएसपी से 15-25 प्रतिशत नीचे हैं। इस एक दिक्कत को सुलझाने की प्रक्रिया में खाद्य तेल-तिलहन कारोबार की नब्ज को टटोला जा सकता है। इसलिए सरकार को इस दिशा में गंभीरता से ध्यान देना होगा कि जब सरसों छोड़कर बाकी सभी खाद्य तेल-तिलहन जमीन पर ‘लोट’ रहे हैं तो ऐसे में स्टॉक की जानकारी लेना उचित है अथवा नहीं। इस ‘स्टॉक लिमिट’ के बजाय सरकार अगर पोर्टल बनाकर विक्रेताओं से नियमित अपने खुदरा दाम की उद्घघोषणा करना अनिवार्य कर दे तो यह कीमतों की भारी ऊलटफेर पर अंकुश लगाने में प्रभावी और पारदर्शी तरीका साबित हो सकता है।

सूत्रों ने कहा कि कच्ची घानी की बड़ी तेल मिलों की मांग में तेजी के कारण सरसों तेल-तिलहन के दाम सुधार के साथ बंद हुए। सुबह के कारोबार में सरसों जितना मजबूत हुआ था वह बाद के कारोबार में थोड़ा घट गया। वैसे देखा जाये तो सरसों का दाम एमएसपी से 5-7 प्रतिशत ऊंचा है। इसी प्रकार आयातित तेलों के मुकाबले भी सरसों का दाम 35-40 रुपये किलो अधिक चल रहा है।

उन्होंने कहा कि सरसों से सस्ता होने तथा लागत से कम दाम पर बिकवाली होने के कारण कुछ मांग बढ़ने से सोयाबीन तेल कीमतों में सुधार तो है, पर यह काफी नहीं है। मलेशिया एक्सचेंज के मजबूत होने से सीपीओ एवं पामोलीन तेल में भी सुधार आया।

सुस्त एवं नीरस कारोबार के बीच सोयाबीन तिलहन और बिनौला तेल के दाम स्थिर बने रहे।

तेल-तिलहनों के भाव इस प्रकार रहे:

सरसों तिलहन - 7,000-7,050 रुपये प्रति क्विंटल।

मूंगफली - 5,725-6,100 रुपये प्रति क्विंटल।

मूंगफली तेल मिल डिलिवरी (गुजरात) - 13,750 रुपये प्रति क्विंटल।

मूंगफली रिफाइंड तेल - 2,240-2,540 रुपये प्रति टिन।

सरसों तेल दादरी- 15,100 रुपये प्रति क्विंटल।

सरसों पक्की घानी- 2,595-2,695 रुपये प्रति टिन।

सरसों कच्ची घानी- 2,595-2,73 0 रुपये प्रति टिन।

सोयाबीन तेल मिल डिलिवरी दिल्ली- 12,650 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन मिल डिलिवरी इंदौर- 12,450 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन तेल डीगम, कांडला- 9,700 रुपये प्रति क्विंटल।

सीपीओ एक्स-कांडला- 10,750 रुपये प्रति क्विंटल।

बिनौला मिल डिलिवरी (हरियाणा)- 12,500 रुपये प्रति क्विंटल।

पामोलिन आरबीडी, दिल्ली- 12,450 रुपये प्रति क्विंटल।

पामोलिन एक्स- कांडला- 11,400 रुपये (बिना जीएसटी के) प्रति क्विंटल।

सोयाबीन दाना - 4,350-4,400 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन लूज- 4,050-4,150 रुपये प्रति क्विंटल।

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