देश की खबरें | पीसीआई ने एलजीबीटीक्यू समुदाय से संबंधित समाचारों की कवरेज के वास्ते दिशानिर्देश जारी किये

नयी दिल्ली, 21 सितंबर ‘प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया’ (पीसीआई) ने एलजीबीटीक्यू समुदाय से संबंधित समाचारों को कवर करने के लिए बृहस्पतिवार को दिशानिर्देश जारी किए।

इन दिशानिर्देशों में पत्रकारों से ‘किन्नर’ या ‘लिंग परिवर्तन सर्जरी’ जैसे शब्दों के इस्तेमाल से बचने और क्रमश: ट्रांसजेंडर महिला और लिंग-सकारात्मक सर्जरी जैसे शब्दों को चुनने को कहा है।

इनमें कहा गया है, ‘‘अपनी खबर में ट्रांसजेंडर का इस्तेमाल न करें; ‘ट्रांसजेंडर’ एक विशेषण है। ट्रांसजेंडर व्यक्ति, ट्रांसमहिला, ट्रांसपुरुष या ट्रांस व्यक्तियों का इस्तेमाल करें।’’

इनमें कहा गया है कि एलजीबीटीक्यू + की पहचान और संबंधों का वर्णन करते समय ‘‘कथित’’ शब्द का इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए - जैसे ‘‘कथित ट्रांसजेंडर व्यक्ति’’, या ‘‘कथित संबंध’’।

दिशानिर्देशों में पत्रकारों को यह भी सलाह दी गई है कि वे ट्रांसजेंडर व्यक्ति की पिछली लिंग पहचान पर ध्यान केंद्रित न करें।

पीसीआई ने कहा, ‘‘समलैंगिक शब्द का प्रयोग करते समय सावधानी बरतें। वैज्ञानिक और क्लीनिकल विमर्श के अलावा, इस शब्द में मनोवैज्ञानिक विकार के पुराने और अस्वीकृत अर्थ हैं।’’

दिशानिर्देशों में पत्रकारों को ‘यौन प्राथमिकता’, ‘विशेष अधिकार’ और ‘समलैंगिक जीवनशैली’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल नहीं करने की भी सलाह दी गई है।

इनमें कहा गया है, ‘‘ये अपमानजनक शब्द हैं। समलैंगिक, उभयलिंगी, समलैंगिक, अलैंगिक या समलैंगिक होना यौन अभिविन्यास है। दूसरे, समुदाय विशेष अधिकार नहीं, बल्कि ‘समान अधिकार’ मांग रहा है।’’

दिशानिर्देशों के अनुसार पत्रकारों से किसी भी प्रकार के प्रकाशन में एलजीबीटीक्यूआईए+ के रूप में पहचान करने वालों के नाम, फोटो, घर या कार्यस्थल के पते का खुलासा करने से पहले अनुमति लेने के लिए कहा गया है।

इनमें कहा गया है, ‘‘उन ट्रांसजेंडर व्यक्तियों की ‘पुरानी’ तस्वीरें न मांगें, जिन्होंने लिंग सकारात्मक सर्जरी करवाई हो। ऐसा करना असंवेदनशीलता और अनावश्यक है।’’

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