जरुरी जानकारी | लॉकडाऊन के दौरान खाद्य प्रसंस्करण उद्योग के लिए निर्धारित बिजली शुल्क को माफ करें: बादल

नयी दिल्ली, 30 मई केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण मंत्री हरसिमरत कौर बादल ने सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों को पत्र लिखकर उद्योग को बिजली शुल्क में राहत देने का आग्रह किया है, जो लॉकडाउन के कारण नकदी की कमी का सामना कर रहे हैं।

   मंत्री ने कहा कि उद्योग ने अपने कोल्ड स्टोर के लिए बिजली बिल वास्तविक उपयोग के आधार पर तय किये जाने और साथ ही निर्धारित बिजली शुल्क से राहत दिये जाने की मांग की है।

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बादल ने सभी मुख्यमंत्रियों से बिजली दरों का विश्लेषण करने और खाद्य प्रसंस्करण उद्योग को उपयुक्त राहत प्रदान करने का आग्रह किया।

उन्होंने समग्र अर्थव्यवस्था में खाद्य प्रसंस्करण उद्योग क्षेत्र के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा, ‘‘खाद्य प्रसंस्करण उद्योग उपभोक्ताओं को भोजन की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करता है। दूसरी तरफ, लाखों किसानों की आजीविका उद्योगों द्वारा उनकी उपज की खरीद के ऊपर निर्भर है।’’

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उन्होंने पत्र में कहा कि कोविड- 19 के अभूतपूर्व संकट से निकलने के लिए खाद्य प्रसंस्करण उद्योग को सरकार की मदद की दरकार है।

मंत्री ने कहा कि शीत भंडारगृह आधारभूत ढांचा, खाद्य प्रसंस्करण उद्योग के महत्वपूर्ण घटकों में से एक है।

उन्होंने कहा, ‘‘भंडारित वस्तुओं को संरक्षित करने के लिए कोल्ड स्टोर को चौबीसों घंटे चलाने की आवश्यकता होती है। अगर भंडारगृह की पूरी क्षमता का उपयोग न भी हो तो कंप्रेशर्स को बंद नहीं किया जा सकता है।’’

पत्र में कहा गया है कि कोविड-19 की वजह से लागू किये गये लॉकडाउन की अवधि के दौरान कोल्ड स्टोर में आने और बाहर जाने वाले जल्दी खराब होने वाली खाद्य वस्तुओं की आवाजाही काफी कम हो गई है और इससे प्रमोटरों (प्रवर्तकों) के लिए नकदी की स्थिति काफी गंभीर हो गई है।

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