देश की खबरें | राजनीतिक तनातनी में अटके पनीरसेल्वम, कोविड-19 पर मुख्यमंत्री के बैठक में नहीं हुए शामिल

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. अन्नाद्रमुक के समन्वयक और तमिलनाडु के उपमुख्यमंत्री ओ. पनीरसेल्वम ने मंगलवार को कुछ नेताओं के साथ बैठक की लेकिन वह मुख्यमंत्री के. पलानीस्वामी की अध्यक्षता में कोविड-19 पर हुई बैठक में शामिल नहीं हुए।

एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

चेन्नई, 29 सितंबर अन्नाद्रमुक के समन्वयक और तमिलनाडु के उपमुख्यमंत्री ओ. पनीरसेल्वम ने मंगलवार को कुछ नेताओं के साथ बैठक की लेकिन वह मुख्यमंत्री के. पलानीस्वामी की अध्यक्षता में कोविड-19 पर हुई बैठक में शामिल नहीं हुए।

गौरतलब है कि राज्य में 2021 में होने वाले विधानसभा चुनावों में पार्टी का नेतृत्व कौन करेगा, इस बात को लेकर दोनों नेताओं के बीव सोमवार को तलवारें खिंच गयी थीं।

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पार्टी के भीतर नए सिरे से तनातनी की अटकलों के बीच पनीरसेल्वम के ग्रीनवेज रोड स्थित आवास पर हुई बैठक में उप समन्वयक के.पी. मुनुसामी और राज्य सभा सदस्य आर. वेथिलिंगम सहित अन्य वरिष्ठ नेताओं ने भाग लिया।

हालांकि, वेथिलिंगम ने वहां मौजूद मीडियाकर्मियों से कहा कि इस ‘‘बैठक का कोई राजनीतिक मतलब नहीं है।’’

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अगले चुनाव में पार्टी की ओर से मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार के संबंध सवाल करने पर उन्होंने कहा, ‘‘सात अक्टूबर को देखते हैं।’’ उन्होंने कहा कि इस बात को लेकर ‘‘कोई संशय’’ नहीं है कि अन्नाद्रमुक ‘‘सत्ता में वापसी कर रही है।’’

गौरतलब है कि सोमवार को हुई अन्नाद्रमुक की कार्यकारिणी की बैठक में चुनावी नेतृत्व को लेकर चर्चा हुई। मुनुसामी ने बैठक के बाद कहा था कि पार्टी के संयुक्त समन्वयक पनीरसेल्वम और पलानीस्वामी सात अक्टूबर को बताएंगे कि पार्टी की ओर से मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार कौन होगा।

वेथिलिंगम ने मंगलवार को कहा कि पार्टी के हितों को ध्यान में रखते हुए उन्होंने पनीरसेल्वम और पलानीस्वामी दोनों का ही समर्थन किया।

जे. जयललिता के मंत्रिमंडल में मंत्री रह चुके वेथिलिंगम ने कहा कि उनका लक्ष्य अन्नाद्रमुक को और मजबूत बनाकर ‘‘पार्टी को अगली बार भी सत्ता में बनाए रखना है।’’

मुनुसामी ने भी कहा कि पार्टी के सामान्य कामकाज से कुछ ज्यादा मतलब निकालने की आवशकता नहीं है।

इससे पहले अब अन्नाद्रमुक में बंटवारा हुआ था तो वेथिलिंगम पलानीस्वामी के साथ जबकि मुनुसामी पनीरसेल्वम के साथ थे। दोनों धड़ों का 2017 में विलय हो गया और पलानीस्वामी मुख्यमंत्री तथा पनीरसेल्वम उपमुख्यमंत्री बने।

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