पालघर, 28 मई महाराष्ट्र के विदर्भ क्षेत्र में घूम रहे टिड्डियों के दलों को देखते हुये प्रदेश के पालघर जिला प्रशासन ने बृहस्पतिवार को किसानों एवं अधिकारियों से कहा कि वे फसलों पर किसी संभावित हमले से निपटने के लिये तैयार रहें।
एक आधिकारिक संदेश में पालघर के जिला कलेक्टर कैलाश शिंदे ने जिले के किसानों से कहा है कि वे टिड्डियों के दल से अपनी खड़ी फसल की सुरक्षा के लिये तैयार रहें ।
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उन्होंने कहा, '‘टिड्डियों का हमला मुख्य रूप से गुजरात, राजस्थान और मध्य प्रदेश में पाया जाता है। गुजरात की सीमा से लगे पालघर जिले के तालासारी, दहानू और जौहर तालुकों को टिड्डियों के हमले के बारे में सतर्क कर दिया गया है। ये कीड़े फसलों के लिए खतरा पैदा कर सकते हैं।'’
उन्होंने कहा, '‘वे अपने मार्ग में पड़ने वाले पौधों की हरी पत्ती, फूल, फल, बीज, टहनियों, पत्ती, आदि पर हमला करते हैं, जिससे फसल को व्यापक नुकसान होता है।’'
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अधिकारी ने कहा, "टिड्डियों से होने वाले नुकसान को रोकने के लिए एहतियाती उपाय किये जाने चाहिये । ग्रामीणों को समूहों में रात को खेतों की निगरानी और निरीक्षण करना चाहिए। शाम 7 से 9 बजे के बीच, इनमें से लाखों कीड़े विश्राम के लिए खेतों में उतर सकते हैं।'
कलेक्टर ने कहा कि इस समस्या के निदान के लिये बड़ा गड्ढा खोदा जाना चाहिये और तेज आवाज में संगीत बजाया जाना चाहिये ।
उन्होंने फसलों को नुकसान से बचाने के लिये कीड़े मारने की दवा एवं नीम से बने स्प्रे का इस्तेमाल करने की भी सलाह दी ।
शिंदे ने कहा कि यह छिड़काव देर रात अथवा संभव हो तो सुबह में किया जाना चाहिये ।
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