इज़राइल ने बताया कि उसने रॉकेट को बीच में मार गिराया और तत्काल किसी तरह के जानमाल के नुकसान की कोई खबर नहीं है। इज़राइल ऐसे सभी रॉकेट हमलों के लिए गाजा के हमास विद्रोहियों को जिम्मेदार ठहराता है और आमतौर पर उन्हें निशाना बनाकर हवाई हमले भी करता है।
नव वर्ष की पूर्व संध्या के बाद दागा गया यह पहला रॉकेट है। हालांकि, किसी फलस्तीनी संगठन ने अभी तक इसकी जिम्मेदारी नहीं ली है।
इज़राइल की सेना ने बताया कि मंगलवार तड़के इज़राइली लड़ाकू विमानों ने दक्षिणी गाजा पट्टी में हमास के ‘‘हथियार निर्माण स्थल’’ को निशाना बनाते हुए कई हवाई हमले किए। किसी के हताहत होने की तत्काल कोई खबर नहीं है।
रॉकेट हमले से पहले प्रधानमंत्री नफ्ताली बेनेट ने सोमवार को कहा था कि इज़राइल ‘‘हमास के नेतृत्व वाले अभियान’’ को निशाना बना रहा रहा है।
गौरतलब है कि यरुशलम के संवेदनशील धार्मिक स्थल अल-अक्सा मस्जिद परिसर में और उसके आसपास सप्ताहांत में फलस्तीनियों के साथ इज़राइल पुलिस की झड़प हो गई थी।
अल-अक्सा मस्जिद को इस्लाम का तीसरा सबसे पवित्र स्थल माना जाता है। यह यहूदियों का सबसे पवित्र स्थल भी है, जिसे समुदाय के लोग ‘टेंपल माउंट’ कहकर पुकारते हैं। अल-अक्सा मस्जिद लंबे समय से इज़राइल-फलस्तीनी विवाद का केंद्र रही है।
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