देश की खबरें | पाकिस्तान को ‘आतंकवादी संगठन’ घोषित किया जाए: सिब्बल

नयी दिल्ली, 23 अप्रैल राज्यसभा सदस्य कपिल सिब्बल ने बुधवार को कहा कि पहलगाम आतंकी हमले के पीछे पाकिस्तान का हाथ है और ऐसे में सरकार को इस पड़ोसी देश को ‘‘आतंकवादी संगठन’’ घोषित कर उसके विरूद्ध अंतरराष्ट्रीय न्यायालय में मामला दर्ज कराना चाहिए।

सिब्बल ने कहा कि यह स्पष्ट संदेश देना होगा कि आतंकवाद का कृत्य पूरी तरह अस्वीकार्य है।

उन्होंने पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर की उस हालिया टिप्पणी का हवाला दिया जिसमें उन्होंने कश्मीर को पाकिस्तान की गले की नस बताया था।

सिब्बल ने ‘पीटीआई-वीडियो’ से कहा कि यह स्पष्ट है कि इस हमले के पीछे पाकिस्तान है।

उनका कहना है, ‘‘यह एक बहुत ही सुविचारित, सुनियोजित आतंकवादी हमला है क्योंकि ‘बैसरन’ (घास का मैदान) घाटी पहलगाम से सिर्फ आधे घंटे की दूरी पर है, जो एक अत्यधिक सुरक्षा वाला क्षेत्र है... जिन लोगों ने हमला किया, वे जानते थे कि पहलगाम से टट्टू के अलावा किसी और साधन से बैसरन घाटी तक नहीं पहुंचा जा सकता है और वहां पहुंचने में समय भी लगेगा।’’

सिब्बल ने कहा, ‘‘मैं गृह मंत्री (अमित शाह) से पाकिस्तान को आतंकवाद विरोधी अधिनियम के तहत एक ‘आतंकवादी संगठन’ के रूप में घोषित करने का आग्रह करूंगा। जिस तरह अन्य राष्ट्राध्यक्षों पर अंतरराष्ट्रीय अदालत में मुकदमा चलाया जा रहा है, हमें भी मुकदमा दायर करना चाहिए, जिससे दुनिया के बाकी हिस्सों के साथ-साथ भारत के 1.4 अरब लोगों में भी संदेश जाएगा कि हम यह सब स्वीकार नहीं करेंगे।’’

उन्होंने कहा, ‘‘यह (पाकिस्तान) एक विफल देश है। अगर आप इस तरह से आतंकवाद को प्रायोजित करते हैं तो यह एक आतंकवादी देश बन गया है।’’

कई प्रमुख मुस्लिम बुद्धिजीवियों के एक समूह ने भी पहलगाम आतंकवादी हमले की कड़ी निंदा की और कहा कि देश की एकता और शांति को हर कीमत पर संरक्षित किया जाना चाहिए।

पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त एस वाई कुरैशी, दिल्ली के पूर्व उपराज्यपाल नजीब जंग, पूर्व एएमयू कुलपति जमीर उद्दीन शाह, पूर्व सांसद शाहिद सिद्दीकी और उद्योगपति सईद शेरवानी द्वारा हस्ताक्षरित बयान में कहा गया, ‘‘हम पहलगाम में निर्दोष पर्यटकों की भयावह और संवेदनहीन हत्या के लिए कुछ रीढ़हीन आतंकवादियों की बर्बरता की कड़ी निंदा करते हैं।’’

‘सिटीजन्स फॉर फ्रेटरनिटी’ की ओर से जारी बयान में कहा गया, ‘‘इस त्रासदी पर हम सभी दुखी और स्तब्ध हैं। हमें विभाजित करने के सभी प्रयासों के बावजूद अपने साथी नागरिकों के साथ एकजुट हैं। हमारे देश की एकता और शांति को हर कीमत पर बरकरार रखा जाना चाहिए।’’

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