इस्लामाबाद, 19 फरवरी पाकिस्तान ने बुधवार को अफगान शरणार्थियों के साथ दुर्व्यवहार के आरोपों को खारिज कर दिया और दशकों से लाखों अफगान नागरिकों को अपने यहां बसाने में देश की भूमिका को रेखांकित किया।
विदेश कार्यालय (एफओ) के प्रवक्ता शफकत अली खान ने अफगानिस्तान के कार्यवाहक दूतावास प्रभारी सरदार शकैब की टिप्पणियों के जवाब में बयान जारी किया। शकैब ने आरोप लगाया था कि पाकिस्तान में अफगान शरणार्थियों को बिना चेतावनी या औपचारिक पत्राचार के गिरफ्तार किया जा रहा है।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पाकिस्तान सरकार सभी अफगानों को निष्कासित करना चाहती है, यहां तक कि उन लोगों को भी जिनके पास वहां रहने के लिए दस्तावेज हैं। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि हाल में इस्लामाबाद और रावलपिंडी में अफगान नागरिकों को गिरफ्तार किया गया, उनकी तलाशी ली गई तथा पुलिस ने उन्हें दोनों शहरों को छोड़कर देश के अन्य भागों में चले जाने के आदेश दिए।
विदेश कार्यालय के प्रवक्ता ने कहा कि पाकिस्तान ने अवैध विदेशियों के निर्वासन की योजना के बारे में इस्लामाबाद स्थित अफगान दूतावास के प्रभारी के बयानों पर संज्ञान लिया है।
इससे पहले, अफगान दूतावास ने चेतावनी दी थी कि पाकिस्तान सभी अफगान शरणार्थियों को देश से निकालना चाहता है और उनका निष्कासन जल्द होने की आशंका है।
दूतावास ने पाकिस्तान की योजनाओं के बारे में कड़े शब्दों में बयान जारी करते हुए कहा कि राजधानी इस्लामाबाद और पास के शहर रावलपिंडी में अफगान नागरिकों को गिरफ्तार किया जा रहा है, उनकी तलाशी ली जा रही है और पुलिस उन्हें जुड़वां शहरों को छोड़कर पाकिस्तान के अन्य हिस्सों में जाने का आदेश दे रही है।
इसमें कहा गया है,‘‘अफगानों को हिरासत में लेने की इस प्रक्रिया के बारे में इस्लामाबाद में अफगानिस्तान के दूतावास को किसी औपचारिक पत्राचार के माध्यम से आधिकारिक तौर पर सूचित नहीं किया गया है। बिना किसी औपचारिक घोषणा के इसे शुरू किया गया है।’’
पाकिस्तान में अवैध रूप से रह रहे लाखों लोगों के अलावा, लगभग 14.5 लाख अफगान नागरिक शरणार्थी के रूप में संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी उच्चायोग (यूएनएचसीआर) में पंजीकृत हैं।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)













QuickLY