इस्लामाबाद, सात जुलाई पाकिस्तान, चीन और अफगानिस्तान ने मंगलवार को युद्ध प्रभावित देश से विदेशी सैनिकों की वापसी अनुशासित और जिम्मेदार तरीके से करने का आह्वान किया ताकि आतंकवाद का दोबारा प्रसार नही हो ।
चीन-अफगानिस्तान-पाकिस्तान के विदेश उपमंत्रियों की वीडियो कांफ्रेंस के जरिये तीसरे दौर के संवाद के बाद जारी प्रेस विज्ञप्ति के मुताबिक तीनों पक्ष आतंकववाद रोधी तंत्र को मजबूत करने और सुरक्षा सहयोग बढ़ाने पर सहमत हुए।
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चीन के उप विदेश मंत्री लुओ झाओहुई, अफगानिस्तान के उप विदेशमंत्री मिरवाइस नाब और पाकिस्तान के विदेश सचिव सोहैल महमूद ने बैठक में शिरकत की।
बयान के मुताबिक , ‘‘ तीनों पक्षों ने आह्वान किया कि अफगानिस्तान से विदेशी फौजों की वापसी अनुशासित, जिम्मेदारी और शर्तों के तहत होनी चाहिए ताकि संभावित आतंकवाद के दोबारा उभरने से बचा जा सके।
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उल्लेखनीय है कि फरवरी महीने में दोहा में अमेरिका और तालिबान के बीच हुए समझौते में उग्रवादी समूह से सुरक्षा की गांरटी के एवज में अफगानिस्तान से अमेरिकी सैनिकों की योजना पर सहमति बनी।
दोहा में हुए समझौते के तहत अमेरिका ने 14 महीने के भीतर अपने 12 हजार सैनिकों को वापस बुलाने की प्रतिबद्धता जताई। अमेरिकी संसद की अनुसंधान सेवा द्वारा अफगानिस्तान पर प्रकाशित रिपोर्ट के मुताबिक तब से अबतक करीब एक चौथाई अमेरिकी सैनिकों की वापसी हो चुकी है।
वहीं तालिबान ने वादा किया कि वह अलकायदा सहित अन्य आतंकवादी समूहों को अफगानिस्तान की जमीन का इस्तेमाल अमेरिका और उसके सहयोगियों को खतरा पैदा करने के लिए नहीं करने देगा।
चीन और पाकिस्तान ने अफगानिस्तान और अन्य संबंधित पक्षों द्वारा कैदियों की अदला-बदली करने और अंतर अफगान वार्ता शुरू करने का रास्ता साफ करने की प्रशंसा की और हिंसा में कमी लाने और मानवता के आधार पर संघर्षविराम की घोषणा करने का आह्वान किया।
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