स्थानीय पुलिस अधिकारी इकबाल खान ने कहा कि खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में पेशावर के उत्तर-पूर्व में स्थित मर्दन जिले के सावलधेर गांव में शनिवार रात प्रदर्शनकारियों ने 40 वर्षीय मौलाना निगार आलम की हत्या कर दी।
देश की न्यायपालिका के प्रति समर्थन व्यक्त करने के लिए आयोजित रैली में शामिल लोगों ने आलम पर उस वक्त ईशनिंदा करने का आरोप लगाया जब उसने कार्यक्रम के अंत में भाषण दिया।
खान ने कहा, ‘‘उसकी प्रार्थना के कुछ शब्दों को कई प्रदर्शनकारियों ने ईशनिंदा माना, जिससे गुस्साई भीड़ ने उसे प्रताड़ित किया और उसकी मौत हो गई।’’
प्रत्यक्षदर्शियों ने कहा कि रैली में ड्यूटी पर तैनात पुलिस उपायुक्त ने पास की एक दुकान में बंद करके शख्स को बचाने का प्रयास किया, लेकिन भीड़ ने दरवाजा तोड़ दिया और उस पर हमला कर दिया।
सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहे एक वीडियो में देखा जा सकता है कि लोग आरोपी शख्स को जमीन पर गिराते हैं, लात मारते हैं और डंडों से पीटते हैं। व्यक्ति की घटनास्थल पर ही मौत हो गई।
पुलिस ने शव को कब्जे में ले लिया और बताया कि मामले की जांच की जा रही है।
पाकिस्तान में लोगों पर ईशनिंदा का आरोप लगाना आम बात है।
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