इस्लामाबाद, 10 अप्रैल पाकिस्तान सरकार ने पंजाब और खैबर पख्तूनख्वा में चुनाव कराने के लिए धन अधिकृत करने के वास्ते सोमवार को संसद में एक विधेयक पेश किया।
पाकिस्तान सरकार ने यह विधेयक देश के उच्चतम न्यायालय के निर्देशों के अनुसार पेश किया। हालांकि, उसने इस मामले पर शीर्ष अदालत के फैसले को पहले खारिज कर दिया था।
पाकिस्तान के उच्चतम न्यायालय ने गत चार अप्रैल को पंजाब प्रांत का प्रस्तावित चुनाव आठ अक्टूबर तक स्थगित करने के निर्वाचन आयोग के फैसले को ‘असंवैधानिक’ करार दिया, जो संघीय सरकार के लिए एक झटका था। संघीय सरकार सुरक्षा मुद्दों और आर्थिक संकट का हवाला देते हुए प्रांतीय चुनाव में देरी करने की कोशिश कर रही थी। पाकिस्तान की संघीय सरकार ने शीर्ष अदालत के फैसले को खारिज कर दिया था।
वित्त मंत्री इशाक डार द्वारा विधेयक ऐसे समय पेश किया गया जब चुनाव कराने के लिए देश के निर्वाचन आयोग को 21 अरब रुपये मुहैया कराने के लिए शीर्ष अदालत द्वारा दी गई समयसीमा कुछ घंटे में समाप्त होने वाली थी।
पंजाब और खैबर पख्तूनख्वा के प्रांतीय विधानसभाओं के चुनावों के लिए धन मुहैया कराने संबंधी विधेयक संसद के दोनों सदनों- नेशनल असेंबली और सीनेट में पेश किया गया।
शीर्ष अदालत ने पिछले हफ्ते सरकार को पाकिस्तान निर्वाचन आयोग (ईसीपी) को 10 अप्रैल तक 21 अरब रुपये मुहैया कराने का आदेश दिया था, ताकि वह चुनाव करा सके। पंजाब में 14 मई को चुनाव होने हैं, लेकिन खैबर पख्तूनख्वा में चुनाव की तारीख अभी तय नहीं हुई है।
नेशनल असेंबली के अध्यक्ष रजा परवेज अशरफ ने सत्र को बृहस्पतिवार अपराह्न दो बजे तक के लिए स्थगित करते हुए विधेयक को संबंधित ‘नेशनल असेंबली स्थायी समिति’ के पास भेज दिया।
विधेयक पेश होने के बाद सीनेट के अध्यक्ष सादिक संजरानी ने सदस्यों से विधेयक पर सिफारिशें करने के प्रस्ताव के लिए 13 अप्रैल तक नोटिस जमा करने को कहा और सदन की कार्यवाही शुक्रवार (14 अप्रैल) सुबह 10 बजे तक के लिए स्थगित कर दी।
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