नयी दिल्ली, 24 अप्रैल पहलगाम आतं कवादी हमले के विरोध में यहां पाकिस्तान उच्चायोग के पास 500 से अधिक लोगों ने प्रदर्शन किया। इस हमले में 26 लोग मारे गए थे, जिनमें अधिकतर सैलानी थे।
प्रदर्शनकारियों ने पाकिस्तान के खिलाफ नारे लगाते हुए और तख्तियां लेकर पड़ोसी देश के खिलाफ ठोस कार्रवाई की मांग की और पाकिस्तान पर भारत में आतंकी गतिविधियों को समर्थन देने का आरोप लगाया।
प्रदर्शन में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कार्यकर्ता भी शामिल थे। साथ ही ‘एंटी-टेरर एक्शन फोरम’ जैसे कई सामाजिक संगठनों ने भी प्रदर्शन में हिस्सा लिया।
‘एंटी-टेरर एक्शन फोरम’ के एक सदस्य ने ‘पीटीआई-वीडियो’ से कहा, ‘‘इससे पहले सरकार ने ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ की थी। हम आतंकवाद को खत्म करने के लिए फिर से उसी तरह की कार्रवाई की मांग करते हैं। यह निर्दोष पर्यटकों पर एक शर्मनाक हमला था।’’
उन्होंने कहा, ‘‘हमें विश्वास है कि सरकार ने पहले ही योजना बना ली होगी।’’
इस बीच, कई संगठनों द्वारा प्रदर्शन का आह्वान किए जाने के बाद दिल्ली पुलिस ने उच्चायोग के बाहर सुरक्षा बढ़ा दी।
दिल्ली पुलिस के एक अधिकारी ने कहा कि उच्चायोग से करीब 500 मीटर की दूरी पर अवरोधक लगाए गए हैं और प्रदर्शनकारियों को वहीं रोक दिया गया।
पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘‘हमें सूचना मिली है कि कई संगठनों ने पाकिस्तान उच्चायोग के पास त्रिमूर्ति चौक पर प्रदर्शन का आह्वान किया है। हमने इलाके में अवरोधक लगाए हैं और किसी को भी कानून-व्यवस्था की स्थिति को बिगाड़ने की इजाजत नहीं दी जाएगी।’’
उन्होंने कहा कि यातायात में ‘‘आवश्यक’’ मार्ग परिवर्तन किया गया है। कुछ प्रदर्शनकारियों ने अवरोधकों पर चढ़ने की कोशिश की, लेकिन पुलिस कर्मियों ने उन्हें रोक लिया और वहां से हटा दिया।
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