नयी दिल्ली, 20 जुलाई सरकार ने बृहस्पतिवार को लोकसभा को बताया कि देश में कुल 24,24,540 जल निकायों में से 38,496 अतिक्रमण के शिकार हुए हैं।
लोकसभा में प्रीतम गोपीनाथ मुंडे, राहुल रमेश शेवाले और चंद्र शेखर साहू के प्रश्न के लिखित उत्तर में जलशक्ति राज्य मंत्री विश्वेश्वर टुडु ने यह जानकारी दी।
जल शक्ति राज्य मंत्री टुडु ने कहा कि ग्रामीण जल निकायों में केवल 1.6 प्रतिशत का अतिक्रमण किया गया जबकि शहरी जल निकायों में 2.5 प्रतिशत का अतिक्रमण हुआ।
उन्होंने कहा कि अतिक्रमित किये गए जल निकायों में से 95.4 प्रतिशत ग्रामीण क्षेत्रों में और 4.5 प्रतिशत शहरी क्षेत्रों में हैं।
जल निकायों की गणना के आंकड़े के अनुसार, देश में कुल 24,24,540 जल निकाय हैं जिसमें से ग्रामीण क्षेत्रों में 23,55,055 और शहरी क्षेत्रों में 69,485 जल निकाय हैं।
इसमें बताया गया है कि कुल 38,496 जल निकाय अतिक्रमण के शिकार हुए हैं जिसमें से 36,736 ग्रामीण क्षेत्र में और 1760 शहरी क्षेत्र में हैं।
टुडु ने बताया कि जल शक्ति मंत्रालय ने केंद्र प्रायोजित योजना सिंचाई गणना के तहत छठी लघु सिंचाई गणना के माध्यम से जल निकायों की पहली गणना शुरू की थी।
उन्होंने बताया कि सभी प्रारंभिक कार्यो को पूरा करने के बाद वर्ष 2019 में जल निकायों की पहली गणना का जमीनी कार्य शरू किया गया था। कोविड महामारी के कारण कई राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशो में जमीनी कार्य में विलंब हुआ था।
मंत्री ने बताया कि जमीनी कार्य और डेटा प्रोसेसिंग कार्यों के पूरा होने के बाद मार्च 2023 में रिपोर्ट प्रकाशित की गई थी।
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