देश की खबरें | धर्म और इस्लामी पहचान की रक्षा करना हमारी मौलिक जिम्मेदारी : एमएमयू

श्रीनगर, 20 सितंबर धार्मिक और शैक्षणिक संगठनों के समूह मुत्ताहिदा मजलिस-ए-उलेमा (एमएमयू) ने कश्मीर के स्कूलों में हिंदू भजनों को कथित रूप से लागू किए जाने पर कड़ी आपत्ति जताई है।

एमएमयू ने मंगलवार को एक वक्तव्य जारी कर कहा, ‘‘हम कश्मीर के स्कूलों में हिंदू भजन के गायन को लागू करने का कड़ा विरोध करते हैं, जैसा कि सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में देखा जा सकता है कि नागम कुलगाम के एक सरकारी उच्च माध्यमिक विद्यालय में सुबह की प्रार्थना के दौरान बच्चे हिंदू भजन गा रहे हैं।’’

इस्लामी समूह ने कहा कि यह मामला कश्मीर के मुसलमानों के लिए बहुत चिंता का विषय है और ‘हमारी धार्मिक पहचान को कमजोर करने’ का एक प्रयास है।

मुत्ताहिदा मजलिस-ए-उलेमा ने कहा, ‘‘हमारे धर्म और इस्लामी पहचान की रक्षा करना मुसलमान होने के नाते हमारी मौलिक धार्मिक जिम्मेदारी है, और इसमें सरकार, शिक्षा विभाग या किसी अन्य एजेंसी द्वारा जानबूझकर हस्तक्षेप न तो स्वीकार किया जाएगा और न ही बर्दाश्त किया जाएगा।’’

एमएमयू ने कहा, ‘‘यह स्पष्ट हो रहा है कि हमारी युवा पीढ़ी को राज्य द्वारा संचालित शैक्षणिक संस्थानों के माध्यम से धर्मत्याग की ओर धकेलने, उन्हें इस्लामी मान्यताओं और पहचान से दूर करने, भारत के हिंदुत्व विचार के साथ उनके तथाकथित एकीकरण को गति देने के लिए जानबूझकर एक योजना चलाई जा रही है। यह बहुत ही गंभीर मामला है।’’

पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने सोमवार को कहा था कि कश्मीर के कुछ स्कूलों में विद्यार्थियों को हिंदू भजन गाने के लिए निर्देश दिए जा रहे हैं, जो भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार के 'असली हिंदुत्व' एजेंडे को उजागर करता है।

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