नोएडा (उत्तर प्रदेश), पांच अक्टूबर ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण में संविदा पर दो बार में हुई करीब 70 अधिकारियों और कर्मचारियों की नियुक्ति पर सवाल उठने के बाद जांच के आदेश दिए गए हैं।
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की मुख्य कार्यपालक अधिकारी ऋतु महेश्वरी ने जांच का आदेश दिए जाने की घोषणा की।
उन्होंने कहा कि जिन पदों पर भर्ती हुई है, उनकी जांच के निर्देश दिए गए हैं और गलत पाए जाने पर पूरी निविदा को निरस्त करने के लिए कहा गया है।
उन्होंने बताया कि करीब 70 अधिकारियों और कर्मचारियों की नियुक्ति पर सवाल उठे हैं।
आरोप है कि प्राधिकरण में तैनात अधिकारियों के रिश्तेदारों और परिचितों को कुछ पदों पर नियुक्त किया गया है। उन्होंने बताया कि मामले की जांच के लिए अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी अमनदीप डोली को नियुक्त किया गया है।
इस बीच एक अन्य घटनाक्रम में जनपद गौतम बुद्ध नगर के चिटहेरा गांव में फर्जी दस्तावेज के आधार पर करोड़ों रुपये की पट्टे की जमीन हड़पने के मामले में पुलिस की विशेष जांच टीम ने तत्कालीन लेखपाल को संलिप्त पाया है। पहले से ही निलंबित लेखपाल को मंगलवार को गिरफ्तार कर लिया गया।
एक पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि चिटहेरा गांव में हुए, पट्टे की जमीन के फर्जीवाड़े के मामले की जांच के लिए विशेष जांच टीम (एसआईटी) का गठन किया गया था।
उन्होंने कहा कि एसआईटी ने जांच में पाया कि इस फर्जीवाड़े में तत्कालीन लेखपाल शीतला प्रसाद की भूमिका थी और एसआईटी ने मंगलवार शाम को शीतला प्रसाद को पूछताछ के लिए बुलाया था।
पूछताछ के दौरान लेखपाल संतोषजनक जवाब नहीं दे पाया। इसके बाद एसआईटी ने उसे गिरफ्तार कर लिया और अदालत में पेश किया गया। अदालत ने आरोपी को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
इस मामले में मुख्य आरोपी यशपाल तोमर पहले ही मेरठ और उत्तराखंड पुलिस द्वारा गिरफ्तार किया जा चुका है।
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