देश की खबरें | विपक्षी दल उन क्षेत्रों में उम्मीदवार न उतारें, जहां कांग्रेस-भाजपा में सीधा मुकाबला : निरुपम
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शिमला, 12 जून कांग्रेस के प्रवक्ता संजय निरुपम ने रविवार को कहा कि विपक्षी दलों को उन क्षेत्रों में अपने उम्मीदवार नहीं उतारने चाहिए, जहां कांग्रेस का सीधा मुकाबला भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से है, ताकि मतों का विभाजन रोका जा सके।
उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र में हुए पिछले विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने उन सीटों पर अपने उम्मीदवार खड़े नहीं किए थे, जहां राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) भाजपा से जीतने की स्थिति में थी।
निरुपम ने धन शोधन के एक मामले में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और राहुल गांधी को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा जारी नोटिस को लेकर बुलाए गए एक संवाददाता सम्मेलन में आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार अपने राजनीतिक विरोधियों को परेशान करने के लिए केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई), ईडी और अन्य केंद्रीय एजेंसियों का ‘‘दुरुपयोग’’ कर रही है।
राहुल गांधी को ‘नेशनल हेराल्ड-एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड’ सौदे संबंधी धन शोधन के मामले में 13 जून को ईडी के समक्ष पेश होना है। ऐसे में कांग्रेस ने फैसला किया है कि पार्टी के सभी शीर्ष नेता और सांसद दिल्ली में ईडी के मुख्यालय तक विरोध मार्च निकालेंगे और ‘‘सत्याग्रह’’ करेंगे।
राज्यों में भी कांग्रेस नेता सोमवार को जांच एजेंसी के कार्यालयों तक मार्च निकालेंगे और ‘‘सत्याग्रह’’ करेंगे।
निरुपम ने भाजपा के खिलाफ आमने-सामने की लड़ाई पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी (आप), तृणमूल कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों को इस साल के अंत में हिमाचल प्रदेश और गुजरात में होने वाले विधानसभा चुनावों सहित किसी भी ऐसे आगामी चुनाव में उन क्षेत्रों में अपने उम्मीदवार नहीं उतारने चाहिए, जहां कांग्रेस का सीधा मुकाबला भाजपा से है।
निरुपम ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए सोनिया गांधी और राहुल गांधी को भेजे गए ईडी के नोटिस को मोदी सरकार का ‘‘षड्यंत्र’’ और बेरोजगारी एवं महंगाई जैसे असल मुद्दों से लोगों का ध्यान भटकाने की कोशिश करार दिया।
उन्होंने कहा कि ईडी ने 11,000 मामलों की जांच की, जिनमें से अदालतों ने केवल सात मामलों में आरोपियों को दोषी ठहराया, जिससे पता चलता है कि जांच एजेंसी के अधिकतर मामले ‘‘निराधार’’ हैं।
कांग्रेस नेता ने दावा किया कि इन 11,000 मामलों में से अधिकतर मामलों की जांच ईडी ने मोदी के पिछले आठ साल के शासन में की।
निरुपम ने कहा कि सोनिया गांधी और राहुल गांधी को ऐसे समय में नोटिस जारी किए गए, जब कांग्रेस बेरोजगारी, महंगाई और मोदी सरकार की अन्य ‘‘जनविरोधी’’ नीतियों के खिलाफ देशव्यापी विरोध-प्रदर्शन करने की अपनी योजना को अंतिम रूप दे रही थी।
ईडी के नोटिस के खिलाफ अपने राष्ट्रव्यापी विरोध के तहत कांग्रेस की हिमाचल प्रदेश इकाई सोमवार सुबह 11 बजे छोटा शिमला में ईडी कार्यालय के बाहर प्रदर्शन करेगी।
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(The above story first appeared on LatestLY on Jun 12, 2022 08:28 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

