देश की खबरें | विपक्षी दलों ने कोविन डेटा में सेंध लगने के दावे की जांच की मांग की

नयी दिल्ली, 12 जून विपक्षी दलों ने कोविन प्लेटफॉर्म के डेटा में सेंधमारी की खबरों के बीच सोमवार को कहा कि इस मामले की जांच होनी चाहिए।

उधर, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने सोमवार को कहा कि कोविन प्लेटफॉर्म पर पंजीकृत लाभार्थियों के डेटा में सेंध लगने का दावा करने वाली खबरें ‘‘बेबुनियाद’’ हैं और उसने देश की नोडल साइबर सुरक्षा एजेंसी सर्ट-इन से मामले में जांच करने और एक रिपोर्ट प्रस्तुत करने का अनुरोध किया है।

कांग्रेस नेताओं ने ‘आपराधिक लापरवाही’ का आरोप लगाया और कहा कि सरकार डेटा सुरक्षा विधेयक पर कोई कदम नहीं उठा रही है।

पार्टी सांसद कार्ति चिदंबरम ने कहा, ‘‘भारत सरकार नागरिकों की निजता को नजरअंदाज कर रही है। कोविड-19 का टीका लगवाने वाले हर भारतीय का निजी डेटा सार्वजनिक रूप से उपलब्ध है। भारत सरकार डेटा सुरक्षा विधेयक पर कदम क्यों नहीं उठा रही है?’’

तृणमूल कांग्रेस के प्रवक्ता साकेत गोखले ने कहा, ‘‘यह गंभीर राष्ट्रीय चिंता का विषय है। (सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री) अश्विनी वैष्णव ही इस विभाग के मंत्री हैं। प्रधानमंत्री मोदी, वैष्णव की अक्षमता की कब तक उपेक्षा करते रहेंगे?’’

कांग्रेस प्रवक्ता शमा मोहम्मद ने दावा किया कि कोविन में पंजीकरण कराने वाले सभी लोगों का डेटा ‘टेलीग्राम’ पर लीक हो गया है।

मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी ने एक बयान में कहा कि इस मामले की गहन जांच होनी चाहिए।

केंद्रीय मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने सोमवार को कहा कि ऐसा नहीं लगता कि कोविन ऐप या डेटाबेस सीधे तौर पर इसका शिकार हुआ है।

उन्होंने यह भी कहा कि भारतीय कंप्यूटर आपात प्रतिक्रिया दल (सर्ट-इन) ने तुरंत कदम उठाया और मामले की समीक्षा की है। सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) राज्य मंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय डेटा प्रशासन नीति को अंतिम रूप दे दिया गया है, जो देश में डेटा भंडारण, पहुंच और सुरक्षा मानकों का एक साझा ढांचा तैयार करेगी।

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