नयी दिल्ली, 25 मार्च लोकसभा में विभिन्न विपक्षी दलों के सदस्यों ने देश में पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने के मुद्दे पर सदन से वाकआउट किया और सरकार से पूछा कि 137 दिन के अंतराल के बाद दाम क्यों बढ़ाये गये हैं।
कांग्रेस के सदस्य गौरव गोगोई ने शून्यकाल में इस विषय को उठाया और कहा कि पांच राज्यों में चुनाव संपन्न होने के बाद पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस के दाम बढ़ाने की क्या जरूरत थी।
उन्होंने कहा कि चुनाव के दौरान पेट्रोल और डीजल का मूल्य 137 दिन तक नहीं बढ़ाया गया और इसके बाद एक सप्ताह में ही तीन बार दाम बढ़ गये।
गोगोई ने कहा कि रूस और यूक्रेन के बीच संकट की स्थिति दिसंबर से है, लेकिन अब युद्ध की वजह बताकर दाम बढ़ाये जा रहे हैं।
उन्होंने और अनेक विपक्षी दलों के सदस्यों ने सरकार से पूछा कि चुनाव के दौरान 137 दिन तक पेट्रोल और डीजल के दाम कैसे स्थिर रहे। उन्होंने कहा कि सदन में मौजूद वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को जवाब देना चाहिए।
इसके बाद इस विषय पर विरोध दर्ज कराते हुए कांग्रेस, द्रमुक, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी, वाम दलों, वीसीके तथा आईयूएमएल के सदस्यों ने सदन से वाकआउट किया।
शून्यकाल में भाजपा की लाकेट चटर्जी ने पश्चिम बंगाल के बीरभूम में हिंसा का मुद्दा उठाया ।
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