भुवनेश्वर, सात मार्च ओडिशा विधानसभा में विपक्षी पार्टी बीजू जनता दल (बीजद) और कांग्रेस विधायकों ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाली सरकार पर राज्य के दिग्गज नेता बीजू पटनायक का अपमान करने का आरोप लगाते हुए शुक्रवार को हंगामा किया जिसके कारण विधानसभा अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही दो बार स्थगित की।
सदन में प्रश्नकाल शुरू होते ही विपक्षी सदस्यों ने मोहन चरण माझी के नेतृत्व वाली सरकार के खिलाफ नारे लगाए और पूर्व मुख्यमंत्री बीजू पटनायक की जयंती के दिन पांच मार्च को ‘पंचायती राज दिवस’ नहीं मनाने के उसके फैसले की निंदा की।
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने दिवंगत बीजू पटनायक की विरासत को मिटाने के लिए ‘पंचायती राज दिवस समारोह’ को ‘बीजू जयंती’ से अलग कर दिया है।
बीजद सदस्यों ने दावा किया कि 1993 से ही पंचायती राज दिवस बीजू पटनायक जयंती पर मनाया जाता रहा है।
राज्य सरकार ने अन्य जगहों की तरह ओडिशा में भी 24 अप्रैल को ‘पंचायती राज दिवस’ मनाने का फैसला किया है। सरकार ने एक आदेश के जरिए पांच मार्च की छुट्टी भी रद्द कर दी है।
सरकार से यह फैसला वापस लेने की मांग करते हुए विपक्षी दलों के सदस्यों ने सदन में भाजपा सरकार के खिलाफ नारे लगाए और तख्तियां लेकर प्रदर्शन किया।
बीजद सदस्य अधिराज पाणिग्रही और वरिष्ठ कांग्रेस विधायक ताराप्रसाद बहिनीपति ने विधानसभा अध्यक्ष के आसन पर चढ़ने और वहां लगा माइक्रोफोन तोड़ने की कोशिश की।
कार्यवाही के संचालन में असमर्थता जताते हुए विधानसभा अध्यक्ष सुरमा पाढ़ी ने सदन की बैठक दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी।
दोपहर 12 बजे जब सदन की कार्यवाही पुनः शुरू हुई तो विपक्षी सदस्यों का हंगामा जारी रहा और अध्यक्ष ने कार्यवाही पुनः चार बजे तक के लिए स्थगित कर दी।
कांग्रेस सदस्यों ने पिछले साल जून में ओडिशा में भाजपा सरकार के सत्ता में आने के बाद राज्य में महिलाओं के खिलाफ अपराध में कथित वृद्धि को लेकर विरोध प्रदर्शन भी किया।
सदन की कार्यवाही स्थगित होने के बाद बीजद सदस्यों ने बीजू पटनायक की प्रतिमा के पास धरना दिया, जबकि कांग्रेस सदस्यों ने विधानसभा परिसर में महात्मा गांधी की प्रतिमा के पास शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया।
सदन के बाहर पत्रकारों से बात करते हुए आठ बार के बीजद विधायक रणेंद्र प्रताप स्वैन ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने बीजू पटनायक का अपमान किया है और ओडिशा के लोग ‘‘धरती के महान सपूत पर इस तरह के हमले को कभी बर्दाश्त नहीं करेंगे’’।
स्वैन ने आरोप लगाया, ‘‘यह ओडिशा अस्मिता (गौरव) का सीधा अपमान है।’’
पूर्व मंत्री अरुण कुमार साहू ने कहा कि बीजद सदन के अंदर और बाहर तब तक अपना आंदोलन जारी रखेगी जब तक राज्य सरकार अपना फैसला वापस नहीं ले लेती।
उन्होंने दावा किया कि राज्य सरकार का फैसला ‘‘अवैध’’ है क्योंकि इसे एक शासकीय आदेश के माध्यम से लागू किया गया है।
दूसरी ओर भाजपा सदस्यों ने राज्य सरकार का बचाव किया और आरोप लगाया कि विपक्षी सदस्य सदन की कार्यवाही में बाधा डाल रहे हैं।
पंचायती राज मंत्री रबी नारायण नाइक ने कहा, ‘‘भाजपा सरकार बीजू पटनायक का बहुत सम्मान करती है। वे (विपक्षी सदस्य) सदन में इस मामले पर चर्चा करने के लिए तैयार नहीं हैं।’’
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि बीजद ने अपने मुख्यालय शंख भवन में बीजू पटनायक की एक भी प्रतिमा स्थापित नहीं की है।
बीजद सदस्य गौतम बुद्ध दास ने कहा, ‘‘चर्चा के लिए कैसे आएं? सरकार ने बीजू पटनायक का अपमान किया है और अपने कृत्य के लिए कभी माफी नहीं मांगी। उन्हें पहले बीजू पटनायक की गरिमा बहाल करनी चाहिए, तभी हम चर्चा के लिए आएंगे।’’
कांग्रेस विधायक दल (सीएलपी) के नेता रामचंद्र कदम ने कहा कि उनकी पार्टी भी बीजू पटनायक के प्रति कथित अनादर को लेकर भाजपा सरकार की निंदा करती है।
कदम ने कहा, ‘‘हमारी मुख्य मांग राज्य में महिलाओं और लड़कियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। भाजपा के सिर्फ आठ महीने के शासन में राज्य में महिलाओं के खिलाफ 1,600 अपराध दर्ज किए गए हैं। 2024 तक ओडिशा से 36,420 महिलाओं और लड़कियों के लापता होने की सूचना मिली है। इसी तरह, राज्य से 8,403 बच्चे भी लापता हैं। हम महिलाओं के खिलाफ अपराध को लेकर विधानसभा और बाहर दोनों जगह आंदोलन कर रहे हैं।’’
सत्रहवीं ओडिशा विधानसभा के बजट सत्र का दूसरा चरण यहां शुक्रवार को शुरू हुआ। सत्र पांच अप्रैल तक जारी रहने वाला है।
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