पिछले साल संयुक्त राष्ट्र में अपनी नियुक्ति के बाद, ऑस्ट्रेलिया की नागरिक जूली बिशप की यह दूसरी यात्रा है। जूली की पहली यात्रा काफी गोपनीय रही थी और इसके बारे में पिछले साल अक्टूबर में पता चला था जब उन्होंने संयुक्त राष्ट्र को बताया था कि उन्होंने म्यांमा की राजधानी नेपीता में सैन्य सरकार के प्रमुख वरिष्ठ जनरल मिन ऑन्ग ह्ललाइंग से मुलाकात की थी।
जूली ने बुधवार को नेपीता में विदेश मंत्रालय की क्षतिग्रस्त इमारत में विदेश मंत्री थान स्वे और अन्य अधिकारियों से मुलाकात की।
म्यांमा के सरकारी टेलीविजन एमआरटीवी के अनुसार 28 मार्च को आए 7.7 तीव्रता के भूकंप से नेपीता बुरी तरह प्रभावित हुआ है।
भूकंप से छह क्षेत्रों और राज्यों में भारी क्षति हुई। कई क्षेत्रों में बिजली, टेलीफोन या मोबाइल कनेक्शन ठप हो गए तथा सड़कें व पुल क्षतिग्रस्त हो गए। इससे दक्षिण-पूर्व एशियाई देश म्यांमा में गृहयुद्ध के कारण पहले से जारी परेशानियां और बढ़ गईं।
सैन्य सरकार के प्रवक्ता मेजर जनरल जॉ मिन टुन ने बुधवार देर रात कहा कि भूकंप में मरने वालों की संख्या 3,649 हो गई है, 5,018 व्यक्ति घायल हुए हैं जबकि 145 लोग लापता हैं।
सरकारी समाचार पत्र ‘ग्लोबल न्यू लाइट ऑफ म्यांमा’ ने सत्तारूढ़ सैन्य परिषद के उपाध्यक्ष वाइस सीनियर जनरल सोए विन के हवाले से बताया कि भूकंप से 48,834 मकान, कई बौध मठ, 2,045 स्कूल, 2,171 विभागीय कार्यालय व भवन, 148 पुल आदि नष्ट हो गए हैं।
ऑस्ट्रेलिया की पूर्व विदेश मंत्री और ऑस्ट्रेलियाई राष्ट्रीय विश्वविद्यालय की वर्तमान वर्तमान चांसलर बिशप को पिछले वर्ष अप्रैल में संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुतारेस ने म्यांमा के लिए दूत नियुक्त किया था।
एपी
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