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जरुरी जानकारी | विदेशों में सुधारर के बावजूद तेल तिलहन कीमतों में गिरावट

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जरुरी जानकारी | विदेशों में सुधारर के बावजूद तेल तिलहन कीमतों में गिरावट

नयी दिल्ली, पांच अक्टूबर विदेशी बाजारों में सुधार के रुख के बावजूद स्थानीय तेल तिलहन बाजार में सोमवार को विभिन्न खाद्य तेल तिलहन कीमतों में गिरावट का रुख रहा जबकि सरसों तिलहन और तेल के भाव पूर्वस्तर पर बने रहे।

बाजार सूत्रों ने कहा कि मलेशिया एक्सचेंज में 0.5 प्रतिशत का सुधार था जबकि शिकागो एक्सचेंज में एक प्रतिशत की तेजी थी। विदेशी बाजारों में सुधार के बावजूद सरसों छोड़कर ज्यादातर तेल तिलहन कीमतों में गिरावट देखने को मिली।

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उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश में सरकार के नये कृषि कानूनों के खिलाफ कृषि मंडियों के अनिश्चितकाल के लिए बंद होने के बीच ‘बड़े व्यापारियों’ ने सोयाबीन की फसल आवक के समय वायदा कारोबार में सोयाबीन का भाव लगभग 2.5 प्रतिशत तोड़ रखा है। किसान पैसे की जरुरत के लिए बड़ी तेल निर्माता कंपनियों को लगभग 3,300 से 3,400 रुपये क्विन्टल के भाव सोयाबीन दाना बेच रहे हैं।इसका न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) 3,880 रुपये क्विन्टल है।

उन्होंने कहा कि सहकारी संस्था नाफेड राजस्थान में सरसों 5,495 रुपये क्विन्टल के भाव बेच रही है और इसे नाफेड के भंडारगृह में ही स्टॉक कर रखा है क्योंकि व्यापरियों को नाफेड के गोदाम में लगभग एक महीने अपने खरीदे माल को भंडार में रखने की छूट है। उधर महेन्द्रगढ़ हरियाणा में नाफेड और हाफेड इसी सरसों की बिक्री 5,105 रुपये क्विन्टल के भाव कर रहे हैं। ये व्यापारी 5,105 रुपये के भाव सरसों खरीदकर आगरा के सलोनी में कारोबारियों को 5,950 रुपये क्विन्टल के भाव बेच रहे हैं यानी नाफेड की इस बिक्री का लाभ व्यापारियों को मिल रहा है। उन्होंने कहा कि अभी सरसों की अगली फसल आने में लगभग पांच महीने की देर है और नाफेड को स्टॉक बचाकर रखना चाहिये क्योंकि त्यौहारों और सर्दी के मौसम में मांग बढ़ने की पूरी संभावना है।

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विदेशों में सुधार का रुख होने के बावजूद ‘सट्टेबाजों और बहुराष्ट्रीय कंपनियों’ ने वायदा कारोबार में सीपीओ और सोयाबीन रिफाइंड का भाव तोड़ रखा है ताकि आयातकों, तेल उद्योगों और किसानों को नुकसान हो। इन कारणों से सोयाबीन दिल्ली, इंदौर और डीगम में गिरावट रही जबकि सीपीओ, पामोलीन दिल्ली और कांडला की कीमतें भी हानि दर्शाती बंद हुई।

किसानों के पास पहले के बचे भारी स्टॉक और सस्ते आयात के आगे मांग प्रभावित होने से मुंगफली तेल तिलहन कीमतों में भी गिरावट आई।

तेल तिलहन बाजार में थोक भाव इस प्रकार रहे- (भाव- रुपये प्रति क्विंटल)

सरसों तिलहन - 5,525 - 5,575 (42 प्रतिशत कंडीशन का भाव) रुपये।

मूंगफली दाना - 4,815- 4,865 रुपये।

मूंगफली तेल मिल डिलिवरी (गुजरात)- 12,150 रुपये।

मूंगफली साल्वेंट रिफाइंड तेल 1,815 - 1,875 रुपये प्रति टिन।

सरसों तेल दादरी- 10,950 रुपये प्रति क्विंटल।

सरसों पक्की घानी- 1,705 - 1,855 रुपये प्रति टिन।

सरसों कच्ची घानी- 1,825 - 1,935 रुपये प्रति टिन।

तिल मिल डिलिवरी तेल- 11,000 - 15,000 रुपये।

सोयाबीन तेल मिल डिलिवरी दिल्ली- 9,700 रुपये।

सोयाबीन मिल डिलिवरी इंदौर- 9,500 रुपये।

सोयाबीन तेल डीगम- 8,620 रुपये।

सीपीओ एक्स-कांडला- 7,620 रुपये।

बिनौला मिल डिलिवरी (हरियाणा)- 9,000 रुपये।

पामोलीन आरबीडी दिल्ली- 9,000 रुपये।

पामोलीन कांडला- 8,250 रुपये (बिना जीएसटी के)।

सोयाबीन तिलहन मिल डिलिवरी भाव 3,755- 3,780 लूज में 3,605 -- 3,655 रुपये।

मक्का खल (सरिस्का) - 3,500 रुपये

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(The above story first appeared on LatestLY on Oct 05, 2020 07:24 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).