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जरुरी जानकारी | तेल-तिलहन बाजार में उतार-चढ़ाव का रुख

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. घरेलू तेल-तिलहन बाजार में शुक्रवार को कारोबार के दौरान उतार-चढ़ाव का रुख रहा। एक ओर जहां सरसों तेल-तिलहन, सोयाबीन तेल और बिनौला तेल में सुधार देखने को मिला वहीं मूंगफली तेल-तिलहन, कच्चा पामतेल (सीपीओ) एवं पामोलीन तेल कीमतों में गिरावट रही। सोयाबीन तिलहन के भाव अपरिवर्तित रहे।

जरुरी जानकारी | तेल-तिलहन बाजार में उतार-चढ़ाव का रुख

नयी दिल्ली, 20 जून घरेलू तेल-तिलहन बाजार में शुक्रवार को कारोबार के दौरान उतार-चढ़ाव का रुख रहा। एक ओर जहां सरसों तेल-तिलहन, सोयाबीन तेल और बिनौला तेल में सुधार देखने को मिला वहीं मूंगफली तेल-तिलहन, कच्चा पामतेल (सीपीओ) एवं पामोलीन तेल कीमतों में गिरावट रही। सोयाबीन तिलहन के भाव अपरिवर्तित रहे।

शिकागो एक्सचेंज में तेजी का रुख है जबकि मलेशिया एक्सचेंज दोपहर 3.30 बजे मामूली सुधार के साथ बंद हुआ।

बाजार सूत्रों ने कहा कि किसानों की ओर से मंडियों में आवक कम बने रहने के बीच कच्ची घानी सरसों तेलमिलों की मांग निकलने से सरसों तेल-तिलहन में सुधार आया। वहीं शिकागो एक्सचेंज के मजबूत रहने और सरसों के मंहगा होने की वजह से हल्के तेलों में सोयाबीन तेल की मांग बढ़ने के कारण सोयाबीन तेल कीमतों में भी मामूली सुधार रहा। पामोलीन से मंहगा होने के बावजूद कुछ नमकीन कंपनियों की बिनौले की मांग के कारण बिनौला तेल कीमतों में भी सुधार आया।

सूत्रों ने कहा कि मूंगफली की गर्मी की फसल मंडियों में आने के बीच मूंगफली तेल-तिलहन के दाम में गिरावट देखी गई। बरसात का मौसम होने की वजह से भी इस नमी वाली फसलों के दाम में थोड़ी गिरावट आई है।

उन्होंने कहा कि वहीं मलेशिया एक्सचेंज में मामूली सुधार के बावजूद पाम-पामोलीन का मौजूदा दाम सोयाबीन के आसपास ही होने की वजह से इसकी मांग प्रभावित हो रही है। एक और तथ्य है कि मलेशिया में इस समय इन तेलों का उत्पादन और स्टॉक भी बढ़ रहा है जिससे पाम-पामोलीन में गिरावट आई है।

सूत्रों ने कहा कि सोयाबीन से अधिकांश मात्रा में डी-आयल्ड केक (डीओसी) प्राप्त होता है और इसके अच्छे दाम मिलने पर ही स्थानीय तेल मिलें किसानों के सोयाबीन तिलहन की खरीद करेंगे। वैसे सोयाबीन का हाजिर दाम न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) से काफी कम है लेकिन जब तक इसके डीओसी के लिए आकर्षक मूल्य नहीं मिलेंगे तेल मिलें सोयाबीन की खरीद बढ़ाने में दिलचस्पी नहीं दिखायेंगे। इन स्थितियों के बीच सोयाबीन तिलहन के दाम स्थिर बने रहे।

तेल-तिलहनों के भाव इस प्रकार रहे:

सरसों तिलहन - 6,750-6,800 रुपये प्रति क्विंटल।

मूंगफली - 5,725-6,100 रुपये प्रति क्विंटल।

मूंगफली तेल मिल डिलिवरी (गुजरात) - 13,750 रुपये प्रति क्विंटल।

मूंगफली रिफाइंड तेल - 2,230-2,530 रुपये प्रति टिन।

सरसों तेल दादरी- 14,200 रुपये प्रति क्विंटल।

सरसों पक्की घानी- 2,495-2,595 रुपये प्रति टिन।

सरसों कच्ची घानी- 2,495-2,630 रुपये प्रति टिन।

सोयाबीन तेल मिल डिलिवरी दिल्ली- 12,800 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन मिल डिलिवरी इंदौर- 12,650 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन तेल डीगम, कांडला- 9,750 रुपये प्रति क्विंटल।

सीपीओ एक्स-कांडला- 10,775 रुपये प्रति क्विंटल।

बिनौला मिल डिलिवरी (हरियाणा)- 12,200 रुपये प्रति क्विंटल।

पामोलिन आरबीडी, दिल्ली- 12,600 रुपये प्रति क्विंटल।

पामोलिन एक्स- कांडला- 11,550 रुपये (बिना जीएसटी के) प्रति क्विंटल।

सोयाबीन दाना - 4,425-4,475 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन लूज- 4,125-4,225 रुपये प्रति क्विंटल।

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(The above story first appeared on LatestLY on Jun 20, 2025 07:52 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).