जरुरी जानकारी | बीपी प्रमुख ने कहा, तेल और तेल की मांग दशकों तक बनी रहेगी, ऊर्जा रूपांतरण पर भारत के विचारों को दोहराया

नयी दिल्ली, 26 अगस्त ब्रिटेन की ऊर्जा कंपनी बीपी के मुख्य कार्यकारी बर्नार्ड लूनी ने शनिवार को कहा कि तेल और गैस की मांग आने वाले कई दशकों तक बनी रहेगी।

उन्होंने साथ ही भारत के विचारों को दोहराते हुए कहा कि ऊर्जा रूपांतरण उचित और व्यवस्थित होना चाहिए। ऐसे में जीवाश्म-आधारित प्रणाली से लेकर नवीकरणीय स्रोतों तक इस तरह काम करना चाहिए कि पिछले साल की तरह कीमतों के झटके से बचा जा सके।

लूनी ने कहा कि तेल और गैस ''आने वाले कई दशकों'' तक दुनिया के लिए ऊर्जा का स्रोत बने रहेंगे। दुनिया भर की कंपनियों और देशों को एक ही समय में मौजूदा जीवाश्म ईंधन और नवीकरणीय परियोजनाओं में निवेश जारी रखना होगा।

उन्होंने सीआईआई द्वारा आयोजित 'बी20 समिट इंडिया' में कहा कि दुनिया को तेजी से और साथ ही व्यवस्थित बदलाव की जरूरत है।

दुनिया की ऊर्जा खपत में तेल और गैस की 55 प्रतिशत हिस्सेदारी है।

लूनी ने कहा कि बदलाव रातोरात नहीं होगा और इसलिए आज की ऊर्जा प्रणाली में निवेश जारी रखने की जरूरत है, ताकि बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं की मांगों को पूरा किया जा सके।

उन्होंने कहा, ''हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि हम मांग के साथ आपूर्ति का मिलान जारी रखें।''

उन्होंने कहा कि पिछले साल, दुनिया में गैस की मांग में तीन प्रतिशत की कमी हुई और कीमतें सात गुना बढ़ गईं, जिसके चलते देशों ने कोयले जैसे सस्ते विकल्प को अपनाया और 2022 में कोयले का उपयोग रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया।

भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा ऊर्जा उपभोक्ता है और वह लंबे समय से एक न्यायसंगत, व्यवस्थित और टिकाऊ ऊर्जा रूपांतरण व्यवस्था के लिए दबाव डाल रहा है।

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