देश की खबरें | ओडिशा: कोरापुट जिले में काला जीरा चावल के जीआई टैग को लेकर विवाद

कोरापुट (ओडिशा), सात सितंबर ओडिशा के जेपोर में एम एस स्वामीनाथन रिसर्च फाउंडेशन (एमएसएसआरएफ) ने कोरापुट के प्रसिद्ध ‘काला जीरा चावल’ के जीआई टैग के लिए औपचारिक मंजूरी के संबंध में भौगोलिक संकेतक (जीआई) अधिकारियों द्वारा हाल ही में प्रकाशित एक विज्ञापन पर आपत्ति जताई है।

एमएसएसआरएफ ने तर्क दिया कि जैविक श्री फार्मर्स प्रोड्यूसर्स कंपनी (जेएसएफपीसी) के रूप में पहचानी जाने वाली एक निजी कंपनी द्वारा जीआई टैग के लिए आवेदन संभावित रूप से स्थानीय किसानों को लाभ से बाहर कर सकता है।

एमएसएसआरएफ ने दलील दी कि श्री फार्मर्स प्रोड्यूसर्स नाम की निजी कंपनी द्वारा किए गए आवेदन से संभावित रूप से स्थानीय किसानों को लाभ से बाहर रखा जा सकता है।

आरोप में कहा गया है कि एक बार जीआई टैग मिल जाने के बाद आवेदक कंपनी को काला जीरा चावल की खेती और विपणन करने का विशेष अधिकार मिल जाएगा, जिससे संभावित रूप से जिले के अन्य किसानों को इस चावल की पहुंच से वंचित कर दिया जाएगा।

एमएसएसआरएफ, जेपोर के निदेशक प्रशांत परिदा ने कहा, ‘‘काला जीरा चावल कोरापुट जिले का एक विशिष्ट उत्पाद है और जीआई टैग के लिए आवेदन किसी सरकारी एजेंसी द्वारा किया जाता है न की निजी संगठन ऐसा करता है। एक बार जब किसी निजी संगठन को जीआई टैग मिल जाता है तो आवेदक कंपनी एकमात्र लाभार्थी होगी क्योंकि उसे इसकी खेती का अधिकार मिल जाएगा, जिससे इस किस्म के चावल उगाने वाले किसानों को नुकसान होगा।’’

उन्होंने कहा, ‘‘केंद्र सरकार के अधिकार क्षेत्र में काम करने वाले जीआई अधिकारियों के समक्ष हम जल्द ही आपत्ति दर्ज कराएंगे।’’

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