नयी दिल्ली, 30 अगस्त दिल्ली वक्फ बोर्ड के (विधायक)सदस्य के चुनाव के सिलसिले में दायर एक आपत्ति का ‘डिविजनल कमिश्नर’ ने निस्तारण कर दिया है। इसके साथ ही, बोर्ड के नये अध्यक्ष की नियुक्ति का मार्ग प्रशस्त हो गया है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि बोर्ड पिछले छह महीने से बगैर अध्यक्ष के है और कोविड-19 महामारी के चलते अध्यक्ष की नियुक्ति की प्रक्रिया में देर हुई है।
यह भी पढ़े | Tamil Nadu Extends Lockdown: तमिलनाडु में 30 सितंबर तक बढ़ाया गया लॉकडाउन, CM पलानीस्वामी ने किया ऐलान.
उल्लेखनीय है कि सात सदस्यीय वक्फ बोर्ड में चार निर्वाचित सदस्य होते हैं--एक विधायक, एक मौजूदा या पूर्व सांसद, मुतवल्ली(मस्जिद के प्रबंधक या संरक्षक) और एक बार काउंसिल के सदस्य। शेष तीन मनोनीत सदस्य होते हैं, जिनमें दिल्ली सरकार के एक अधिकारी, एक सामाजिक कार्यकर्ता और एक मुस्लिम विद्वान शामिल हैं।
सात सदस्यीय बोर्ड अपना एक अध्यक्ष चुनता है।
यह भी पढ़े | Gujarat Rains: गुजरात में बारिश का कहर, घेला नदी ने दिखाया अपना रौद्र रूप- Video.
अधिकारियों ने बताया कि बोर्ड के (विधायक) सदस्य के लिये चुनाव 25 अगस्त को होने वाला था लेकिन एक व्यक्ति द्वारा डिविजनल कमिश्नर (राजस्व) कार्यालय में एक आपत्ति दायर करने के बाद इसे टाल दिया गया।
उन्होंने बताया, ‘‘शिकायतकर्ता ने उच्च न्यायालय में भी एक याचिका दायर की, जिसे खारिज कर दिया गया। अब, डिविजनल कमिश्नर के कार्यालय में दायर उसकी आपत्ति का भी निस्तारण हो गया है, इसलिए सदस्य विधायक के चुनाव की प्रक्रिया बहाल हो जाएगी। ’’
अधिकारियों ने बताया कि शिकायतकर्ता ने बोर्ड की सदस्यता के लिये आम आदमी पार्टी के विधायक अमानतुल्ला खान के नामांकन दाखिल करने पर आपत्ति दर्ज कराई थी और 2016 में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा दर्ज किये गये भ्रष्टाचार के एक मामले का हवाला दिया था।
ओखला से विधायक खान इस चुनाव में एकमात्र उम्मीदवार हैं।
दिल्ली वक्फ बोर्ड के एक अधिकारी ने कहा, ‘‘आपत्ति के निस्तारण के साथ चुनाव अधिकारी एवं उत्तर दिल्ली के जिलाधिकारी नामांकन पत्र की जांच और चुनाव की नयी तारीख की घोषणा करेंगे। ’’
उन्होंने कहा कि यदि खान का नामांकन पत्र वैध पाया जाता है तो उन्हें निर्विरोध निर्वाचित घोषित कर दिया जाएगा।
उत्तर दिल्ली के जिलाधिकारी दीपक अर्जुन ने कहा कि उन्हें आपत्ति के निस्तारण की सूचना अभी तक नहीं मिली है।
खान पूर्व में दो बार बोर्ड के अध्यक्ष भी रह चुके हैं।
वक्फ बोर्ड राष्ट्रीय राजधानी में 2000 से अधिक संपत्तियों--मस्जिदों, कब्रिस्तानों, स्कूलों, आवासीय भवनों, दुकानों आदि का संरक्षक है।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)













QuickLY