PRS Oberoi Passes Away: ओबेरॉय ग्रुप के चेयरमैन पृथ्वी राज का निधन, भारत में होटल बिजनेस को दी थी नई दिशा
Chairman Prithvi Raj Singh Oberoi

नयी दिल्ली, 14 नवंबर : ओबेरॉय समूह के चेयरमैन पृथ्वी राज सिंह ओबेरॉय (Prithvi Raj Singh Oberoi) का मंगलवार को निधन हो गया. वह 94 वर्ष के थे. पृथ्वी राज सिंह ओबेरॉय को भारतीय आतिथ्य के पुरोधा के रूप में पहचाना जाता है. वह अपने पीछे एक समृद्ध विरासत छोड़ गए हैं. एक बयान में कहा गया है, ‘‘ हमें अत्यंत दुख के साथ सूचित करना पड़ रहा है कि ओबेरॉय समूह के चेयरमैन पी. आर. एस ओबेरॉय का आज सुबह निधन हो गया. ’’ इसमें कहा गया कि आतिथ्य उद्योग में एक महान हस्ती ओबेरॉय की विरासत किसी सीमा तक सीमित नहीं है. इसने वैश्विक परिदृश्य पर एक अमिट छाप छोड़ी है.

ओबेरॉय को पर्यटन और आतिथ्य के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए पद्म विभूषण सहित कई बड़े पुरस्कारों से नवाजा गया. असाधारण नेतृत्व और दूरदर्शिता के लिए उन्हें इंटरनेशनल लक्ज़री ट्रैवल मार्केट (आईएलटीएम) में लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड से भी दिया गया. ओबेरॉय को होटल्स (मैगजीन) यूएसए द्वारा 'कॉर्पोरेट होटलियर ऑफ द वर्ल्ड' पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया. बर्लिन में छठे इंटरनेशनल होटल्स इन्वेस्टमेंट फोरम ने उन्हें प्रतिष्ठित लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड से भी सम्मानित किया. इसके अलावा उन्हें फोर्ब्स इंडिया लीडरशिप अवार्ड, कॉरपोरेट उत्कृष्टता के लिए इकोनॉमिक टाइम्स अवार्ड, सीएनबीसी टीवी 18 इंडिया बिजनेस लीडर अवार्ड, बिजनेस इंडिया पत्रिका के बिजनेसमैन ऑफ द ईयर, अर्न्स्ट एंड यंग एंटरप्रेन्योर ऑफ द ईयर अवार्ड जैसे पुरस्कार भी मिले. यह भी पढ़ें : मप्र में राहुल की ‘भारत जोड़ो यात्रा’ जहां से गुजरी थी, वहां की सीटों पर कांग्रेस को फायदे की उम्मीद

बयान में कहा गया है, ‘‘एक प्रतिभावन शख्स को खोने का शोक मनाते हुए उनकी विरासत को याद रखेंगे.... श्रद्धांजलि सभा से जुड़ी जानकारी जल्द साझा की जाएगी.’’ अंतिम संस्कार मंगलवार को शाम चार बजे कापसहेड़ा में भगवंती ओबेरॉय चैरिटेबल ट्रस्ट (ओबेरॉय फार्म) में किया जाएगा.

‘‘बिकी’’ के नाम से मशहूर पीआरएस ओबेरॉय का जन्म 1929 में दिल्ली में हुआ था. ‘द ओबेरॉय ग्रुप’ के संस्थापक दिवंगत राय बहादुर एमएस ओबेरॉय के बेटे पीआरएस ओबेरॉय लंबे समय तक ईआईएच लिमिटेड के कार्यकारी अध्यक्ष रहे और उसके विकास की राह पर आगे बढ़ने में महत्वपूर्ण योगदान दिया.