देश की खबरें | एसआईआई के सर्वाइकल कैंसर रोधी टीके के परीक्षण डेटा की समीक्षा करेगा एनटीएजीआई

नयी दिल्ली, 26 जून सरकारी सलाहकार समूह एनटीएजीआई सीरम इंस्टिट्यूट द्वारा विकसित सर्वाइकल कैंसर रोधी क्वाड्रिवेलेंट ह्यूमन पेपिलोमावायरस (क्यूएचपीवी) टीके के परीक्षण डेटा की 28 जून को समीक्षा कर सकता है।

सूत्रों ने कहा कि टीकाकरण पर राष्ट्रीय तकनीकी सलाहकार समूह (एनटीएजीआई) के एक अलग एचपीवी कार्य समूह ने आठ जून को क्लिनिकल परीक्षण के आंकड़ों और राष्ट्रीय टीकाकरण कार्यक्रम में शामिल करने के लिए टीके की उपयोगिता की पड़ताल की थी।

इस बीच, सीरम इंस्टिट्यूट ऑफ इंडिया (एसआईआई) के सरकार एवं नियामक मामलों के निदेशक प्रकाश कुमार सिंह ने भारत के औषधि महानियंत्रक (डीसीजीआई) को आवेदन दिया है और जैव प्रौद्योगिकी विभाग के समर्थन से चरण 2/3 क्लिनिकल परीक्षण पूरा होने के बाद देश में इसकी शीघ्र उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए टीके के वास्ते विपणन मंजूरी मांगी है।

आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, इस आवेदन के आधार पर केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) की विषय विशेषज्ञ समिति ने 15 जून को टीके के लिए विपणन मंजूरी देने की सिफारिश की थी। डीसीजीआई की मंजूरी का अभी इंतजार है।

सिंह द्वारा प्रस्तुत आवेदन के अनुसार, टीके, सीईआरवीएवीएसी ने मजबूत एंटीबॉडी प्रतिक्रिया प्रदर्शित की है जो सभी लक्षित एचपीवी प्रकारों और सभी खुराक एवं आयु समूहों के आधार पर लगभग 1,000 गुना अधिक है।

आवेदन में उल्लेख किया गया है कि हर साल लाखों महिलाओं को सर्वाइकल और कुछ अन्य प्रकार के कैंसर का पता चलता है तथा मृत्यु अनुपात बहुत अधिक है। भारत में सर्वाइकल कैंसर 15 से 44 वर्ष की आयु की महिलाओं में दूसरा सर्वाधिक होने वाला कैंसर है।

सिंह ने आवेदन में कहा, ‘‘इसके अलावा, यह उल्लेखनीय है कि वर्तमान में हमारा देश एचपीवी टीके के लिए पूरी तरह से विदेशी निर्माताओं पर निर्भर है। हमारे समूह के ज्ञान के अनुरूप और हमारे सीईओ डॉ. अदार सी पूनावाला के नेतृत्व में उच्च गुणवत्ता वाले भारत निर्मित टीके बड़े पैमाने पर हमारे देश और दुनिया के लोगों के लिए सस्ती कीमत पर उपलब्ध कराना हमेशा से हमारा प्रयास रहा है।’’

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